-मण्डल स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की हुई बैठक
अयोध्या। मण्डलायुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता एवं शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी डा. श्याम नगीना, अपर निदेशक ग्रेड-2, बी०पी० संस्थान पशुपालन विभाग उ०प्र० लखनऊ की सह अध्यक्षता में मण्डल स्तरीय अनुश्रवण मूल्यांकन एवं समीक्षा समिति की मंडलवार समीक्षा बैठक आयुक्त सभागार अयोध्या में आयोजित की गयी, जिसमें पुलिस महानिरीक्षक / पुलिस उप महानिरीक्षक अयोध्या सोमेन वर्मा, नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार सहित मंडल के समस्त मुख्य विकास अधिकारी, संयुक्त विकास आयुक्त, वन संरक्षक, संयुक्त निदेशक कृषि, उप निदेशक पंचायतीराज विभाग, मंडल के जिला पंचायतराज अधिकारी, परियोजना अधिकारी यू०पी० नेडा, समस्त मुख्य पशुचिकित्साधिकारी आदि सहित निर्माणदायी संस्था द्वारा बैठक में प्रतिभाग किया गया। समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने निर्देश दिये गये कि निराश्रित/छुट्टा गोवंश जो सड़कों/नेशनल हाइवे पर विचरण कर रहे निराश्रित गोवंशों को पकडवाकर उनको समीपवर्ती गोआश्रय स्थलों में संरक्षित कराया जाय, इस योजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाये।
मुख्यमंत्री सहभागिता योजना अन्तर्गत निर्देश दिये गये कि पशुपालकों को सुपुर्द किये गये गोवंशों का प्रत्येक माह समय से सत्यापन कराते हुए फण्ड रिक्वेस्ट निर्धारित समयावधि ग्राम पंचायत, लेखपाल एवं ग्राम पंचायत सचिव द्वारा प्रत्येक माह के 20 से 24 तक सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण करायें एवं जनपद स्तर पर दिनांक 25 से 28 तक प्रत्येक माह सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण करायी जाय। इसके अतिरिक्त निर्माणाधीन बृहद गोसंरक्षण केन्द्रों के सम्बन्ध में निर्देशित किया गया कि प्रत्येक जनपद जहां पर भी निर्माण कार्य चल रहा है उसको तत्काल पूर्ण करायें एवं तत्काल हैण्डओवर की कार्यवाही कराते हुए उनमें गोवंशों का संरक्षण किया जाना सुनिश्चित करें।
ग्रीष्म ऋतु एवं लू से गोवंशों को बचाय की व्यवस्था के सम्बन्ध में प्रत्येक जनपद के समस्त मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि गोआश्रय स्थलों में ग्रीष्म ऋतु एवं लू से गोवंशों को बचाव हेतु सभी प्रकार की व्यवस्थायें जैसेः तिरपाल, परदा, पुवाल, जूट बोरा पंखा एवं फागर आदि के व्यवस्थायें कर ली गयी है। मंडलायुक्त ने मुख्य विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि अपने जनपद के अधिक से अधिक एस०एफ०सी० पुलिंग की धनराशि पूल करायें, जिसे गोआश्रय स्थलों के प्रबन्धन एवं संचालन में व्यय किया जाय। शत प्रतिशत भूसा दान एवं क्रय के माध्यम से संग्रहण कराया जाय। समस्त गोचर भूमि पर मनरेगा / बी०जी०आर०राम०जी योजना के सहयोग से नैपियर घास का रोपण कर हरा उत्पादन कराया जाय। इसके लिए पहले गोआश्रय स्थल पर टैग्ड भूमि को खेत निर्माण ट्रेंचिंग, फेंसिंग एवं सिंचाई की व्यवस्था करायी जाय। उसके लिए सी०सी० मनरेगा तत्काल समय से आई०डी० जनरेट करायें। पशुपालन विभाग द्वारा चारा उत्पादन में नैपियर सीड बैंक योजना तथा उ०प्र० चारा विकास योजना का शत प्रतिशत क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिया गया। चारा उत्पादन खाद्य फसलों के उत्पादन जैसा अभियान चलाया जाय ताकि पशुपोषण में सुधार आ सके। सभी गो आश्रय स्थलों में सिक रूम निर्माण तथा गो आश्रय स्थलों में छोटे एवं बड़े गोवंशों के पृथककरण की व्यवस्था तत्काल कर ली जाय। 30 से कम गोवंश वाले तथा 50 से कम गोवंश सभी गो आश्रय स्थलों को अन्य बढे गो आश्रय स्थलों में गोवंश को स्थानान्तरित कराते हुए रिक्त गो आश्रय स्थल पर भूसा संग्रहण केन्द्र तथा चारा उत्पादन केन्द्र में विकसित कर लिया जाय।
100 से कम क्षमता वाले गो आश्रय स्थलों की क्षमता का विस्तार करते हुए न्यूनतम 100 गोवंश की संरक्षण क्षमता में विकसित कर लिया जाय। साथ ही 400 से कम क्षमता वाले गो आश्रय स्थल में क्षमता के अनुरूप न्यूनतम 400 गोवंश संरक्षित कर सतृप्तिकरण कर लिया जाय। गोबर उत्पादन एवं गोबर आधारित उद्योग से सभी गोशालाओं को स्वालम्बी बनाने तथा उर्जा सकेंट के समय राष्ट्र हित में बायोगैस, गोबरगैस, कम्पोस्ट खाद, वर्मी कम्पोस्ट खाद, स्लरी खाद उत्पादन का केन्द्र बनाते हुए स्वंय सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार सृजित किये जायें। एन०जी०ओ० को आवंटित गो आश्रय स्थलों को तत्काल हस्तानान्तरित कर दिया जाय।
शासन द्वारा मण्डलीय नामित नोडल अधिकारी ने आग्रह किया कि मानक के अनुरूप ब्रांडेड कम्पनी के पशुआहार क्रय किये जाये तथा निर्माण तिथि, एक्सपायरी तिथि तथा बैच नम्बर क्रय करते समय अवश्य देख कर क्रय किया जाय। समस्त गोआश्रय स्थलों पर निर्धारित प्रारूप पर सभी अभिलेख एवं स्टाक बुक अद्यतन रखी जाये ताकि निरीक्षण के समय अवलोकन, सत्यापन एवं मार्गदर्शन किया जा सके। बैठक के अन्त में सभी सहभागियों को भाग लेने के लिए डा० अरविन्द कुमार वैश्य, अपर निदेशक पशुपालन विभाग अयोध्या मण्डल अयोध्या द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया।