-जिलाधिकारी ने विभिन्न जोनों में मजिस्ट्रेट तैनात किए, 28 अगस्त तक रहेगा विशेष निगरानी अभियान
अयोध्या। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात व्यवस्था तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी ने जनपद के विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर वरिष्ठ अधिकारियों एवं मजिस्ट्रेटों की तैनाती करते हुए उन्हें लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि श्रावण मास में अम्बेडकरनगर, गोण्डा, बस्ती, बहराइच, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर सहित विभिन्न जनपदों से लाखों श्रद्धालु अयोध्या धाम पहुंचकर पावन सरयू में स्नान, श्री नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक तथा सरयू जल लेकर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करते हैं। इस दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है।
उन्होंने बताया कि श्रावण मास का प्रारंभ 30 जुलाई 2026 से होगा, जबकि प्रथम सोमवार 3 अगस्त, द्वितीय सोमवार 10 अगस्त, तृतीय सोमवार 17 अगस्त, चतुर्थ सोमवार 24 अगस्त, सावन त्रयोदशी 26 अगस्त तथा 28 अगस्त को रक्षा बंधन एवं श्रावण पूर्णिमा स्नान के अवसर पर अत्यधिक भीड़ की संभावना है। इसे दृष्टिगत रखते हुए 29 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक सभी प्रमुख मार्गों एवं मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जाएगी।
व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए घाट, नागेश्वर, हनुमान मंदिर, कनक भवन मंदिर, क्षीरेश्वरनाथ मंदिर तथा यातायात एवं भीड़ नियंत्रण सहित विभिन्न जोन बनाए गए हैं। प्रत्येक जोन में जोनल मजिस्ट्रेटों की तैनाती के साथ पर्याप्त संख्या में मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं, जो संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर शांति, सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
राम की पैड़ी स्थित सिंचाई विभाग गेस्ट हाउस में स्थापित केंद्रीय मेला नियंत्रण कक्ष 29 जुलाई से 28 अगस्त तक 24 घंटे संचालित रहेगा। यहां अधिकारियों एवं मजिस्ट्रेटों की तीन शिफ्टों में ड्यूटी लगाई गई है। नियंत्रण कक्ष में नगर निगम, स्वास्थ्य, वन, लोक निर्माण, विद्युत तथा जल निगम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी तैनात रहेंगे।
जिलाधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट, रेजीडेंट मजिस्ट्रेट एवं सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में कांवड़ियों की सुविधा, सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। वहीं नगरीय क्षेत्र में अपर जिलाधिकारी (नगर) एवं अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) तथा ग्रामीण क्षेत्र में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कांवड़ियों के जलाभिषेक कार्यक्रम के समुचित संचालन की जिम्मेदारी भी अपर जिलाधिकारी (नगर) एवं अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) को दी गई है।
जिलाधिकारी ने कहा कि श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुगम दर्शन-पूजन की सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे।