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कृषि विश्वविद्यालय में हुई नियुक्तियों में अनियमितता का मामला गरमाया

सांसद लल्लू सिंह सहित कई विधायकों ने गवर्नर को भेजे शिकायती पत्र

मिल्कीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में गंभीर अनियमितताओं को लेकर सांसद लल्लू सिंह सहित जालौन जनपद के उरई विधानसभा विधायक गौरी शंकर वर्मा एवं बिठूर के विधायक अभिजीत सांगा ने प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति को शिकायती पत्र भेजकर विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा की गई अवैध नियुक्तियों को विश्व विद्यालय प्रबंध परिषद से अनुमोदित ना होने देने के साथ-साथ जांच कराए जाने की मांग की है।

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बताते चलें कि आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज के कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह द्वारा विद्यालय के अधीन पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय तथा कृषि महाविद्यालय के अधीन कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि ज्ञान केंद्रों पर विभिन्न पदों हेतु नियुक्तियों का विज्ञापन निकालकर आवेदन पत्र प्राप्त किए थे तथा विज्ञप्तियों के अनुसार विभिन्न पदों हेतु कार्मिकों की नियुक्ति भी कर ली गई है। इधर विभिन्न पदों हेतु आवेदकों द्वारा प्रस्तुत किए आवेदन पत्रों को उच्च अंक एवं विश्वविद्यालय से गोल्ड मेडल मिलने के बावजूद भी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल ही नहीं किया गया।

इसकी शिकायत अभ्यर्थियों द्वारा प्रदेश के राज्यपाल सहित राजनीतिक महारथियों से की गई। जिसका संज्ञान लेते हुए अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह ने बीते 11 दिसंबर को प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति को एक पत्र प्रेषित करते हुए आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या में अनियमितताओं के निराकरण की बात कही उन्होंने कुलपति का ध्यान आकृष्ट किया कि विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह द्वारा सत्र 2021-22 में मेरे विज्ञापनों द्वारा प्राप्त हुए अभ्यर्थियों के आवेदन में वह गोल्ड मेडल प्राप्त अभ्यर्थियों के आवेदनों को स्क्रीनिंग के समय ही छोड़ दिया गया तथा जिन लोगों ने उत्कोच दीया उन लोगों को टेस्ट और साक्षात्कार में अंक देकर नियुक्तियां प्रदान की जा चुकी हैं और वर्तमान में भी की जा रही है, शेष नियुक्तियों को आने वाली प्रबंध परिषद की बैठक में प्रस्ताव, अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किए जाने के साथ ही पूर्व में हुई नियुक्तियों की पुष्टि एक प्रस्ताव भी इसी बैठक में प्रस्तावित है।

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जो एक उच्च स्तरीय जांच का विषय है। उधर जालौन जनपद के उरई विधानसभा विधायक एवं कानपुर बिठूर के विधायक अभिजीत सांगा ने भी प्रदेश के राज्यपाल एवं अपर मुख्य सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को शिकायती पत्र भेजकर उपरोक्त अनियमितताओं की गहन जांच कराते हुए कार्यवाही की मांग की है। यही नहीं कृषि विश्वविद्यालय में हुई अनियमितताओं का मामला विधान परिषद में भी गूंज गया है।

विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने भी कृषि विश्वविद्यालय में के वी के एक्रिप नार्थ, के जी के, के मूल रूप से वैज्ञानिकों की नियुक्ति, एस एम एस को यूजीसी वेतनमान, पदनाम और कैरियर एडवांसमेंट स्कीम का लाभ दिए जाने पर सवाल पूछ लिया है। उधर विश्वविद्यालय सूत्रों का कहना है कि नियुक्तियों को लेकर शासन स्तर पर जांच शुरू है तथा शिकायतों से संबंधित पत्रावलियों को जांच कमेटी द्वारा तलब भी कर लिया गया है।

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