अयोध्या को स्वच्छ महानगर बनाने में जन सहभागिता आवश्यक: महंत गिरीश पति त्रिपाठी

by Next Khabar Team
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-चिकित्सकों एवं व्यापारी नेताओं के साथ महापौर ने की बैठक, ‘एक रविवार, हर परिवार, करे गंदगी पर प्रहार’ अभियान में मांगा सहयोग


अयोध्या। अयोध्या को स्वच्छता के पैमाने पर अव्वल लाने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं है। इसके लिए जन सहभागिता आवश्यक है। यदि लोगों में स्वच्छता की आदतें पड़ जाएंगी तो नगर साफ-सुथरा और सुंदर दिखेगा। यह कहना था महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी का। वह सर्किट हाउस में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन एवं व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी संघ बैठक कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक भूमिका के साथ अयोध्या विकास के पथ पर अग्रसर है। ढांचागत विकास से रोजगार के अवसर बढ़े हैं। लोगों का आवागमन बढ़ा है तो स्वच्छता को लेकर चुनौतियां भी घनीभूत हुई हैं। उन्होंने 31 मई को आयोजित ‘एक रविवार, हर परिवार, करें गंदगी पर प्रहार’ अभियान की जानकारी देते हुए लोगों से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा कि महीने में एक बार भी अगर 30 मिनट अपनी अयोध्या नगरी के नाम पर लोग दें तो अयोध्या साफ सुथरी नजर आएगी।

इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केएस मिश्र ने कहा चिकित्सक हर माह की आखिरी तिथि को सफाई को लेकर जागरूकता अभियान चलाएंगे। उन्होंने इसे चिकित्सकों की पढ़ाई का हिस्सा बताते हुए कहा कि नगर को स्वस्थ बनाने में अपनी भूमिका सुनिश्चित करने से चिकित्सा समुदाय पीछे नहीं हटेगा।

व्यापारी नेता अतुल सिंह ने कहा कि इंदौर स्वच्छता में अगर पहले पायदान पर है तो यह नागरिकों की स्वच्छता की आदत के कारण है। उन्होंने विदेश का हवाला देते हुए कहा कि लोगों को अपनी तौर-तरीके भी बदलने होंगे और कचरा केवल कूड़ादान में ही डालना होगा। आईएमए के अध्यक्ष डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि चिकित्सक प्रण लेते हैं कि वह स्वच्छता से शहर को निरोगी बनाने की मुहिम में भागीदार बनेंगे। उन्होंने सफाई के दौरान मास्क एवं सेनीटाइजर का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया।

नर्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष पूनम गुप्ता ने महापौर का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का वादा किया। पूर्व सीएमओ डॉ. नानक शरण ने कहा कि स्वच्छता सभी की जिम्मेदारी है। अगर लोग स्वच्छता की आदतें डालेंगे तो मलेरिया, डायरिया, डेंगू, टीबी जैसी बीमारियों से शहर मुक्त रहेगा। उन्होंने टीम बनाकर जन जागरूकता फैलाने का भरोसा दिया।

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बैठक को केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, व्यापारी नेता नीरज जायसवाल, अरुण अग्रवाल, अंगद चौरसिया, आईएमए के सचिव डॉ. निशांत सक्सेना, डॉ. दीपशिखा चौधरी, डॉ. सीपी तिवारी, डॉ.पीयूष गुप्त आदि ने संबोधित किया।

अयोध्या नगर निगम 296 लाख की लागत से मलिन बस्ती की बदलेगा सूरत

अयोध्या, 27 मई। अयोध्या नगर निगम क्षेत्र में स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत चिन्हित मलिन बस्ती नया पुरवा (पाटेश्वरी नगर वार्ड) के व्यापक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप गरीब बस्तियों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए 296.72 लाख रुपए की लागत से एकीकृत विकास कार्य कराए जाएंगे। इस परियोजना से मोहल्ले की तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है।

इस योजना के तहत पाटेश्वरी नगर वार्ड में जी प्लस वन मंजिला आधुनिक कम्युनिटी हॉल का निर्माण किया जाएगा। हॉल का क्षेत्रफल 150 वर्गमीटर होगा और इसमें लगभग 160 व्यक्ति एक साथ बैठ सकेंगे। यह हॉल स्थानीय निवासियों के लिए सामाजिक, सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रमों का केंद्र बनेगा। शादी-ब्याह, धार्मिक अनुष्ठान, बैठकें और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी साबित होगी। इसके अलावा मोहल्ले में 418 मीटर सीसी रोड और ड्रेन का निर्माण किया जाएगा।

वर्षों से गंदी गलियों और जलभराव की समस्या से जूझ रहे इस क्षेत्र में पक्की सड़कें और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम बनने से स्वच्छता और यातायात की सुविधा में उल्लेखनीय सुधार होगा। पूरे मोहल्ले में उच्च गुणवत्ता वाली स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जिससे रात में भी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित और आलोकित रहेगा। स्मार्ट सिटी योजना के तहत मलिन बस्तियों का चयन कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करने का यही उद्देश्य है। अयोध्या में चल रहे इस विकास कार्य से स्थानीय निवासियों में उत्साह है। लोग मान रहे हैं कि अब उनके मोहल्ले की सड़कें, नालियां, रोशनी और सामुदायिक स्थान शहर के अन्य विकसित क्षेत्रों जैसी हो जाएंगी।

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जनसुविधाओं का भी रखा जाएगा ध्यान

ओपन जिम की स्थापना से स्थानीय युवा, महिलाएं और बुजुर्ग अपने स्वास्थ्य का ध्यान रख सकेंगे जनसुविधाओं के रूप में पर्याप्त बेंच, वॉटर कूलर, डस्टबिन और हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इन सभी कार्यों से नया पुरवा क्षेत्र न केवल सुविधायुक्त बनेगा बल्कि स्वच्छ, सुंदर और रहने योग्य भी बनेगा।

समावेशी शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम : नगर आयुक्त

नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे। इस एकीकृत परियोजना से न केवल बुनियादी सुविधाएं बढ़ेंगी बल्कि क्षेत्र में सामाजिक समरसता और स्वास्थ्य के स्तर में भी सुधार आएगा। नया पुरवा का यह कायाकल्प अयोध्या को स्मार्ट और समावेशी शहर बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

अयोध्या को ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में विशेष वनों की होगी स्थापना

अयोध्या। योगी आदित्यनाथ सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में पौधरोपण अभियान 2026 को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी जोरों पर है। इसी क्रम में अयोध्या को ग्रीन सिटी बनाने की दिशा में विशेष वनों की स्थापना का विस्तृत खाका तैयार किया गया है। वन विभाग के प्रमुख लक्ष्य के साथ अन्य विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की कुल संख्या 43,99,466 पहुंच गई है, जो राज्य स्तर पर एक अभूतपूर्व पर्यावरण संरक्षण अभियान का संकेत देता है।

अयोध्या में अभियान 2026 के तहत विशेष वनों की स्थापना का कार्यक्रम चल रहा है। इसमें वंदे मातरम वाटिका, महर्षि चरक वन, सामाजिक समरसता वन, समृद्धि वन, आकांक्षी वन, ऊर्जा रोपण (जलौनी प्रजाति) और फलदार प्रजाति की वाटिका शामिल हैं।

जानिए, विशिष्ट वनों की कहां होगी स्थापना

वंदे मातरम वाटिका: अयोध्या रेंज के पंचवटी द्वीप पर स्थापित की जाएगी। यहां इमली व अन्य फलदार प्रजातियों का रोपण होगा। महर्षि चरक वन: बीकापुर रेंज के अंतर्गत बेनी गद्दोपुर गांव में नीम, अर्जुन, आंवला, कंजी, बालमखीरा आदि औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। सामाजिक समरसता वन: माझा कैंट क्षेत्र में पीपल, पाकड़, बरगद आदि प्रजातियां लगाई जाएंगी।

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समृद्धि वन: रुदौली रेंज के मवई वन ब्लॉक में सागौन, शीशम, महोगनी आदि लगेंगे। आकांक्षी वन: कुमारगंज रेंज के विश्व विद्यालय भूमि चौधरीपुर में पीपल, पाकड़, बरगद आदि। ऊर्जा रोपण: तिंदौली वन भूमि में जलौनी प्रजातियों का रोपण। फलदार प्रजाति वाटिका: मया रेंज के रामपुर हलवारा में आम, अमरूद, आंवला, नीबू, बेर आदि लगाए जाएंगे।

विभागवार लक्ष्यों की फैक्ट फाइल (वर्ष 2026-27)

विभाग का नाम-लक्ष्य
वन विभाग-20,50,000
ग्राम्य विकास विभाग-12,24,786
राजस्व विभाग-1,15,000
पंचायती राज विभाग-1,39,000
आवास विकास विभाग-6,000
औद्योगिक विकास-7,000
नगर विकास-23,000
लोक निर्माण विभाग-13,000
सिंचाई विभाग/नमामि गंगे-13,000
कृषि विभाग-27,6000
पशुपालन विभाग-7,000
सहकारिता विभाग-6,160
उद्योग विभाग-10,000
विद्युत विभाग-5,040
माध्यमिक शिक्षा-8,000
बेसिक शिक्षा-14,000
प्राविधिक शिक्षा-5,000
उच्च शिक्षा-19,000
श्रम विभाग-3,200
स्वास्थ्य विभाग-10,000
परिवहन विभाग-3,000
रेलवे विभाग-12,000
रक्षा विभाग-6,000
उद्यान विभाग-1,69,000
पुलिस विभाग-7,280
पर्यावरण विभाग-2,48,000

2025-26 की प्रगति और 2026 का लक्ष्य

वर्ष 2025 जुलाई में वन विभाग ने 13,10,280 पौधे रोपित किए जबकि अन्य विभागों ने 2,70,14,00 का लक्ष्य पूरा किया। वर्ष 2026 जुलाई में वन विभाग का लक्ष्य 20,50,000 रखा गया है, जो पिछले वर्ष से लगभग 79.07% अधिक है। कुल अन्य विभागों का योग 23,49,466 है।

पर्यावरणीय संतुलन की नई मिसाल मिलेगी

प्रभागीय वनाधिकारी प्रखर गुप्ता ने बताया कि यह अभियान जलवायु परिवर्तन से निपटने, मिट्टी संरक्षण और जल संवर्धन में भी सहायक सिद्ध होगा। अयोध्या धाम को देश का सबसे हरा-भरा तीर्थ स्थल बनाने का सपना अ

 

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