-दो दिवसीय राष्ट्रीय समूह बैठक खरीफ- 2026 का हुआ शुभारंभ, कई राज्यों से उमड़े वैज्ञानिक

अयोध्या। भारत कृषि प्रधान देश है और हमारे देश का हृदय उत्तर प्रदेश में निवास करता है। प्रदेश के अंदर 45 प्रतिशत हरा चारा और 20 प्रतिशत सूखे चारे की कमी है। हरा चारा मवेशियों के लिए बहुत जरूरी है। इसके बिना पशु स्वस्थ नहीं रह सकते हैं। किसान पुआल को खेतों में जला रहे हैं जिससे प्रकृति से खिलवाड़ व मिट्टी की गुणवत्ता घटती जा रही है। चारा उत्पादन के साथ किसान व्यवसायिक खेती कर सकते हैं। एकीकृत कृषि प्रणाली को अपनाने की जरूरत है। अपनी प्रजाति को विस्तार देने की जरूरत है।
ब्रीडर बीज बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तायुक्त बीज किसानों तक पहुंचाना होगा जिससे कि किसानों की पैदवार में इजाफा हो। विवि ने कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक नई ऊंचाईंयों को छूआ है। इसमें पूरे विवि परिवार ने मिलकर सहयोग किया है। यह बातें कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के एग्री बिजनेस मैनेजमेंट के प्रेक्षागृह में कही। वे दो दिवसीय राष्ट्रीय समूह बैठक खरीफ- 2026 के शुभारंभ के अवसर पर “ चारा फसलें एवं उपोयगिता ” विषय पर वैज्ञानिकों को बतौर मुख्यअतिथि संबोधित कर रहे थे। विशिष्ट अतिथि आई.सी.ए.आर नई दिल्ली के उप महानिदेशक डा. डी. के. यादव ने कहा कि 11 वर्षों में चारा फसलों की 207 प्रजातियां विकसित हुईं हैं। सीड की उपलब्धता में हम आज भी पीछे हैं जिसे बढ़ाने की आवश्यकता है।
उप महानिदेशक ने कहा कि उत्पादन तकनीक को बढ़ाने के साथ-साथ इसे किसानों तक पहुंचाना होगा। उत्पाद के साथ-साथ गुणवत्ता भी बढ़ेगी तभी शोध का उद्देश्य पूरा होगा। कुलपति डा. पी.एस प्रमाणिक ने कहा कि विवि चारा फसलों पर कार्य कर रहा है। दुधारू पशुओं से ज्यादा दूध लेने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए हरा चारा सबसे जरूरी है। हरा चारा खिलाने से दूध 15-20ः तक बढ़ जाता है। 1 लीटर दूध के लिए पशु को 4-5 किलो हरा चारा चाहिए। एक्रिप के परियोजना के समन्वयक डा. विजय कुमार यादव ने संस्थान की उपलब्धियों एवं भविष्य के लक्ष्य को प्रजेंटेशन के माध्यम से सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में 250 से अधिक चारा फसल विमोचित हुआ है।
इससे पूर्व कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, आई.सी.ए.आर नई दिल्ली के उप महानिदेशक डा. डी. के. यादव, अवध विवि के कुलपति डा. बिजेंद्र सिंह, उपकार के महानिदेशक डा. संजय सिंह, सीएसए कानपुर के कुलपति डा. संदीप गुप्ता, आई.सी.ए.आर नई दिल्ली के सहायक महानिदेशक डा. एस.के प्रधान, आई.जी.एफ.आर.आई के निदेशक डा. पंकज कौशल और एक्रिप के परियोजना समन्वयक डा. विजय कुमार यादव ने जल भरो एवं वंदेमातरम गीत की प्रस्तुति के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न व अंगवस्त्रम भेंटकर स्वागत किया गया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना व कृषि विवि अयोध्या के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया जा रहा है। जीपीबी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. संजीत कुमार के संयोजन में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। अतिथियों का स्वागत संबोधन कुलपति डा पी.एस प्रमाणिक व कार्यक्रम का संचालन डा. सुप्रिया ने किया। इस मौके पर विवि के समस्त अधिष्ठाता, निदेशक, विभिन्न राज्यों से पहुंचे वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।