-डीएम ने ग्राम पंचायतों की संचित निधि व तालाबों की नीलामी/पट्टे से प्राप्त आय को पंचायत के संबंधित खातों में जमा कराने के दिए निर्देश
अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रगतिशील ग्राम प्रधानों एवं प्रशासकों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विकास खंडों के ग्राम प्रधानों एवं प्रशासकों ने अपनी ग्राम पंचायतों में किए गए नवाचारों, उपलब्धियों तथा विकास कार्यों की जानकारी साझा की तथा जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को प्रस्तुत किया।
बैठक में ग्राम पंचायत डेरवा दाउदपुर, विकास खंड मयाबाजार की ओर से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण प्रदान कर उनके उत्पादों की बिक्री हेतु कंपनियों से लिंक स्थापित कराने का अनुरोध किया गया। साथ ही ग्राम पंचायत में आयुष्मान आरोग्य केंद्र की स्थापना, स्वास्थय सुविधाओं के विस्तार तथा किशोरियों के स्वास्थय परीक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया। इस पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी एवं उपायुक्त (स्वतः रोजगार) को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
विकास खंड मवई की ग्राम पंचायत कुशहरी के प्रतिनिधि ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पाइपलाइन बिछाने के कार्य में लापरवाही, सड़कों के समुचित पुनर्निर्माण न होने तथा पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, जल निगम (ग्रामीण) को तत्काल निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विकास खंड मसौधा की ग्राम पंचायत सरैया एवं विकास खंड पूराबाजार की ग्राम पंचायत सनेथू के प्रतिनिधियों ने ओएफसी केबल बिछाने के दौरान सड़क किनारे गहरे गड्ढे खोदे जाने से दुर्घटना की आशंका व्यक्त की। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित उप जिलाधिकारी एवं अधिशासी अभियंता को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढों को भरवाकर सड़क सुरक्षा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान ग्राम पंचायत डेरामूसी के प्रतिनिधि द्वारा सभी ग्राम प्रधानों एवं प्रशासकों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित किए जाने का सुझाव भी दिया गया। इस पर जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी को मुख्य विकास अधिकारी से समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही शासन के निर्देशानुसार ग्राम पंचायतों की संचित निधि एवं तालाबों की नीलामी/पट्टे से प्राप्त आय को पंचायत के संबंधित खातों में समयबद्ध रूप से जमा कराने के भी निर्देश दिए।
संवाद कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत डेरामूसी, सनेथू, विचौला, देवरा दाउदपुर, रामपुर ग्रांट, कुशहरी, कोरोराघुपुर, रसूलपुर लिलहा एवं सरैया के प्रतिनिधियों ने अपनी पंचायतों में वृक्षारोपण, स्वच्छ पेयजल, आरओ सुविधा, स्वास्थय सेवाओं, महिला सशक्तिकरण, सड़क निर्माण, आंगनबाड़ी एवं पंचायत भवन निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में किए गए उल्लेखनीय कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम पंचायतों के समग्र विकास के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के बीच सतत संवाद आवश्यक है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त सभी सुझावों एवं शिकायतों पर समयबद्ध, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति और अधिक तेज हो सके। कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत राज अधिकारी ने उपस्थित सभी ग्राम प्रधानों, प्रशासकों एवं जनप्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया तथा संवाद कार्यक्रम का समापन किया।