-जनपदभर में 1063 शिकायतें प्राप्त, 94 का मौके पर ही निस्तारण, ’लापरवाही पर सख्त कार्रवाई, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का वेतन रोका, लेखपाल निलंबित

अयोध्या। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की अध्यक्षता में तहसील सोहावल में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर भी उपस्थित रहे। समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास, विद्युत, जलापूर्ति, पेंशन, आवास सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई की गई।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक शिकायत का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वाेच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों का निस्तारण मौके पर संभव है, उन्हें तत्काल निपटाया जाए तथा शेष प्रकरणों में निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई करते हुए आख्या प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
1063 शिकायतों में 94 का हुआ तत्काल निस्तारण
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जनपद की सभी तहसीलों में कुल 1063 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 94 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील सोहावल में 243 शिकायतों में से 31, बीकापुर में 130 में से 10, मिल्कीपुर में 282 में से 16, रुदौली में 217 में से 17 तथा सदर तहसील में 191 में से 20 शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया गया।
अनुपस्थित एवं विलंब से पहुंचने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई
संपूर्ण समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण आयोजन में बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने ’जिला खाद्य विपणन अधिकारी श्री धनंजय सिंह’ का माह जून का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं ’जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पवन तिवारी’ एवं ’अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड श्री एस.पी. भारती’ के विलंब से उपस्थित होने पर उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया।
सीमांकन संबंधी धारा-24 की पत्रावलियों में समय से पैमाइश न करने के कारण ’राजस्व निरीक्षक मसौधा श्री ध्रुवराज यादव’ पर कार्रवाई करते हुए उनका माह जून का वेतन अवरुद्ध करने के निर्देश दिए गए। इसी प्रकार ग्राम देवराकोट निवासी श्री अनुराग पांडे द्वारा नाम सुधार संबंधी प्रकरण में लेखपाल द्वारा आवश्यक कार्रवाई न किए जाने की शिकायत पर ’लेखपाल श्री रजनीश’ के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उनका माह जून का वेतन अवरुद्ध किया गया तथा प्रकरण का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित कराया गया।
ग्राम अभयराज का पुरवा, मौजा अर्थर निवासी श्री सुरेश चन्द्र शर्मा द्वारा नवीन परती भूमि की पैमाइश न किए जाने तथा अभद्र व्यवहार की शिकायत किए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ’लेखपाल श्री बृजेश कुमार सिंह’ का उत्तरदायित्व निर्धारित किया। साथ ही इब्राहिमपुर कदई निवासी श्री अमरेश सिंह द्वारा सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माण की शिकायत को भी संज्ञान में लेते हुए जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर ’लेखपाल श्री बृजेश कुमार सिंह’ को तत्काल प्रभाव से ’निलंबित’ कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करते हुए शासन की मंशा के अनुरूप जनता को त्वरित राहत उपलब्ध कराई जाए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र भिटौरिया, उप जिलाधिकारी सविता, क्षेत्राधिकारी अरविंद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
मिल्कीपुर में राजस्व विवाद, भूमि कब्जा की भरमार, लेखपाल की लापरवाही व मुआवजान मिलने के आये मामले

मिल्कीपुर।शनिवार को तहसील दिवस का आयोजन किया गया राजस्व विवाद, भूमि कब्जा, सीमांकन, राहत अनुदान और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़े मामलों की भरमार रही। मिल्कीपुर तहसील में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमित कुमार भट्ट, उपजिलाधिकारी सुधीर कुमार, क्षेत्राधिकारी पियूष पाल तथा तहसीलदार ने लोगों की समस्याएं सुनीं।
समाधान दिवस में रेवना पूरे तारावती गांव की 92 वर्षीय सीता देवी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी चकबंदी की भूमि गाटा संख्या 809 पर कुछ लोग आबादी की जमीन बताकर जबरन कब्जा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में भूमि की पैमाइश और खूंटा गाड़ने की कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन विपक्षियों ने खूंटे उखाड़ दिए। इनायतनगर थाना क्षेत्र के सागर पट्टी निवासी दिव्यांग हरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिससे खेत तक पहुंचने का रास्ता बंद हो गया है। उन्होंने दो वर्षों से लगातार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई न होने की बात कही।
ग्राम पंचायत पलिया मुतलके कुचेरा के प्रधान प्रतिनिधि विजय सिंह ने लेखपाल दिनेश पांडे पर विकास कार्यों और सरकारी भूमि के सीमांकन में लापरवाही का आरोप लगाया। मामले को गंभीर मानते हुए एडीएम ने संबंधित लेखपाल को तत्काल ग्राम पंचायत से हटाने के निर्देश दिए। ईंट गांव निवासी धन प्रताप सिंह ने अग्निकांड पीड़ित परिवारों को तीन माह बाद भी राहत अनुदान न मिलने की शिकायत की। इस पर एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक और लेखपाल को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
एडीएम अमित कुमार भट्ट ने बताया कि समाधान दिवस में सर्वाधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हुईं। उन्होंने कहा कि आगामी समाधान दिवसों में बुजुर्गों, दिव्यांगों, महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग काउंटर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 30 प्रकरणों के निस्तारण के लिए 30 टीमों का गठन कर जांच के निर्देश दिए गए हैं।