-15 और स्थानों पर लगेगी स्मार्ट ट्रैफिक प्रणाली, कंट्रोल रूम से होगी निगरानी

अयोध्या। शहर में यातायात व्यवस्था को आधुनिक और सुगम बनाने की दिशा में नगर निगम ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के तहत पांच प्रमुख चौराहों पर स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली का संचालन शुरू कर दिया गया है। इससे वाहन चालकों को व्यवस्थित आवागमन की सुविधा मिलेगी और जाम की समस्या में कमी आने की उम्मीद है।
शनिवार को महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी और नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने जलकल परिसर स्थित आईटीएमएस कंट्रोल रूम से नई व्यवस्था का शुभारंभ किया। इस दौरान उपसभापति संतोष सिंह सहित नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे। नगर निगम द्वारा पहले से रिकाबगंज चौराहे पर संचालित आईटीएमएस प्रणाली को अब शांति चौक (नाका), गुदड़ी बाजार चौराहा, पोस्ट ऑफिस चौराहा और पुलिस लाइन स्थित पुष्पराज चौराहा तक विस्तारित कर दिया गया है। इन चौराहों पर रेड और ग्रीन सिग्नल के आधार पर यातायात का संचालन होगा, जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि अयोध्या को आधुनिक एवं स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने के लिए तकनीक आधारित व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अगले एक सप्ताह में धर्मपथ स्थित हनुमान गुफा, सिविल लाइन चौराहा, देवकाली बाईपास और मनूचा चौराहा समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर भी आईटीएमएस प्रणाली लागू कर दी जाएगी। महापौर ने बताया कि नगर निगम ने शहर के 20 प्रमुख स्थानों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स भी स्थापित किए हैं। किसी भी सड़क दुर्घटना, आपराधिक घटना अथवा अन्य आपात स्थिति में नागरिक एसओएस बटन दबाकर तत्काल पुलिस और नगर निगम को सूचना दे सकेंगे। इससे जरूरतमंद व्यक्ति तक त्वरित सहायता पहुंचाना संभव होगा।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार पांडे ने बताया कि शहर के 15 अन्य प्रमुख चौराहों और तिराहों पर भी आईटीएमएस प्रणाली स्थापित करने की योजना तैयार की गई है। इनमें निषादराज चौराहा (टेढ़ी बाजार), श्रीराम हॉस्पिटल तिराहा, लता चौक, हनुमान गुफा चौक, साकेत पेट्रोलियम, देवकाली बाईपास, देवकाली तिराहा, अग्रसेन तिराहा, रायबरेली बाईपास, सहादतगंज बाईपास, नाका हनुमानगढ़ी, डीएम आवास चौराहा, गुरु गोविंद सिंह चौक तथा सिविल लाइन तिराहा शामिल हैं। आईटीएमएस प्रणाली के माध्यम से सभी चौराहों की निगरानी केंद्रीय कंट्रोल रूम से की जाएगी। यातायात दबाव के अनुसार सिग्नल संचालन को नियंत्रित किया जा सकेगा, जिससे व्यस्त समय में भी यातायात प्रवाह को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।