-सीडीओ ने किसानों से आधुनिक डेयरी तकनीकों को अपनाकर आय बढ़ाने का किया आह्वान, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत ई-लॉटरी से 28 लाभार्थियों का चयन
अयोध्या। दुग्धशाला विकास विभाग, उत्तर प्रदेश के स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकास भवन सभागार, अयोध्या में एक दिवसीय जनपदीय डेयरी कॉन्क्लेव-2026 का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम को प्रदेश स्तर से संबोधित करते हुए दुग्ध आयुक्त, उत्तर प्रदेश धनलक्ष्मी के. ने ज़ूम माध्यम से विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी तथा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित लघु फिल्म का प्रसारण कराया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 में लगभग 248 मिलियन मीट्रिक टन दुग्ध उत्पादन के साथ भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है। इसमें 38.8 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन एवं लगभग 16 प्रतिशत योगदान के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है।
उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, महिला सशक्तीकरण, रोजगार सृजन तथा किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत प्रदेश में 17,994 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है तथा 4,951 प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समितियों के गठन से लगभग 2.25 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए हैं। दुग्ध आयुक्त ने बताया कि प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के 2,100, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के 1,500 से अधिक तथा नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के 450 से अधिक लाभार्थियों को चयन पत्र वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त डेयरी क्षेत्र में 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक के 829 एमओयू संपादित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 के अंतर्गत 39 लाख लीटर प्रतिदिन दुग्ध प्रसंस्करण एवं अवशीतन क्षमता में वृद्धि हुई है तथा लगभग 10 हजार रोजगार सृजित हुए हैं।
निवेशकों को डीबीटी के माध्यम से लगभग 42 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्रदान किया गया है। कॉन्क्लेव में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. इन्द्रदेव माहर, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी बारून एवं पुराबाजार, डॉ. अजीत कुमार तथा इंडियन बैंक, अंगूरीबाग के शाखा प्रबंधक सहित विशेषज्ञों ने किसानों एवं दुग्ध उत्पादकों को आधुनिक पशुपालन, पशु रोगों की पहचान एवं रोकथाम, चारा प्रबंधन, टीकाकरण, पशु बीमा तथा पशु टैगिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। कार्यक्रम के दौरान नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना हेतु जिला कार्यकारी समिति की देखरेख में ई-लॉटरी आयोजित की गई। प्राप्त 163 पात्र आवेदनों में से निर्धारित लक्ष्य के अनुसार 14 महिला एवं 14 पुरुष, कुल 28 लाभार्थियों का पारदर्शी तरीके से चयन किया गया। कार्यक्रम का संचालन दुग्ध निरीक्षक अरुण कुमार त्रिपाठी ने किया।
उन्होंने नंद बाबा दुग्ध मिशन एवं दुग्ध नीति-2022 के अंतर्गत संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए किसानों से वैज्ञानिक पशुपालन तकनीकों को अपनाने, सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने तथा जनपद में डेयरी क्षेत्र को और अधिक समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभागीय कार्मिक रामजीत, हरेन्द्र यादव, संजय उपाध्याय, राम बचन एवं अंकित वर्मा सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।