-अवैध रूप से संचालित दुकानें, गुमटियां, रेस्टोरेंट एवं बस बुकिंग सेंटर हटाए गए, भवन किया गया सील

अयोध्या। जिला प्रशासन ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य की नजूल भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अमित कुमार भट्ट ने बताया कि नजूल भूमि गाटा संख्या-4108 मि०, क्षेत्रफल 0.7380 हेक्टेयर (लगभग 79,180 वर्गफुट) पूर्व में पट्टे पर दी गई थी, जिसकी अवधि काफी समय पूर्व समाप्त हो चुकी है। वर्तमान में उक्त भूमि राज्य सरकार के स्वामित्व वाली नजूल भूमि है।
उन्होंने बताया कि भूमि के एक हिस्से पर स्थित पुराने भवन को पूर्व पट्टेदार राजकृष्ण मनूचा के वारिसानों द्वारा विद्युत विभाग को किराये पर दिया गया था। हालांकि विद्युत विभाग का अधिकांश कार्यालय अन्यत्र स्थानांतरित हो चुका है और वर्तमान में केवल एक कक्ष में बिलिंग संबंधी कार्य संचालित हो रहा है। जांच में पाया गया कि उक्त सरकारी भूमि पर लगभग एक दर्जन व्यक्तियों द्वारा लकड़ी एवं लोहे की गुमटियां रखकर अवैध रूप से कारखाने, दुकानें, रेस्टोरेंट, मोटर धुलाई केंद्र तथा व्यवसायिक बसों के बुकिंग सेंटर संचालित किए जा रहे थे। इन प्रतिष्ठानों से किराया पूर्व पट्टेदार के वारिसानों द्वारा वसूला जा रहा था।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि विगत माह संबंधित वारिसानों को पट्टे से संबंधित वैध अभिलेख एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिया गया था, लेकिन उनके द्वारा कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। इसके उपरांत राजस्व विभाग एवं नगर निगम के प्रवर्तन दल द्वारा संयुक्त अभियान चलाकर अवैध रूप से संचालित सभी दुकानें, गुमटियां, रेस्टोरेंट, कारखाने, मोटर धुलाई केंद्र तथा बस बुकिंग सेंटर हटवा दिए गए। साथ ही परिसर में बने भवन को सील कर दिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि पूर्ण रूप से राज्य सरकार की संपत्ति है तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे अथवा अतिक्रमण को किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन द्वारा सरकारी भूमि की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।