-धनराशि बारामद होने के बावजूद तत्काल क्यों नहीं दर्ज कराया मुकदमा?, सरकार व ट्रस्ट मिलकर पूरे मामले को दबाने का कर रहे प्रयास

अयोध्या। समाजवादी पार्टी के नेता व पूर्व मंत्री तेजनारायण पाण्डेय पवन ने सोमवार को शाने अवध सभागार में प्रेसवार्ता कर राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर सरकार व श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पांच जून को आरोपी अविनाश शुक्ला से धनराशि बरामद होने के बावजूद तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अनियमितता की जानकारी ट्रस्ट को उसी समय मिल गई थी, तब कानूनी कार्रवाई करने में देरी क्यों की गई? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और ट्रस्ट मिलकर पूरे मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं तथा जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं, जिनका जवाब अभी तक नहीं दिया गया है।
उन्होंने एसआईटी जांच पर भी सवाल उठाते हुए इसे केवल दिखावा करार दिया। उनका कहना था कि इस जांच से किसी ठोस नतीजे की उम्मीद नहीं है और निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब पूरे मामले में पारदर्शिता बरती जाए। इसके साथ ही चम्पत राय पर आरोप लगाया कि उन्होंने अयोध्या में स्थित एक मंदिर की मूर्ति और गहने ले लिए और उसकी कोई रसीद नहीं दिया। सपा नेता ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए इस मामले की पूरी सच्चाई देश के सामने आनी चाहिए।
उन्होंने सरकार से पूरे घटनाक्रम पर जवाब देने की मांग करते हुए कहा 140 करोड़ भारतीयों की आस्था को लूटने वालों, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के नाम पर अवैध रूप से मंदिरों एवं उनकी भूमि पर कब्जा करने वालों तथा मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए धन, आभूषण एवं चढ़ावे में कथित अनियमितता और चोरी करने वालों के विरुद्ध सर्वाेच्च न्यायालय को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। ऐसे लोगों को तत्काल उनके पदों से बर्खास्त कर निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा प्रभु श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास सुनिश्चित करने के लिए एक नई एवं पारदर्शी व्यवस्था की शुरुआत की जाए।
सपा नेता ने कहा कि गजनवी ने लूटा 17 बार, ये 40 दिन में 72 बार लूटे। ट्रस्ट के लोगों ने गजनवी के भी रिकॉर्ड को तोड़ दिया। कोषाध्यक्ष पता नहीं कहां हैं? कौन सी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं। भाई, जब 5 तारीख को मंदिर में रुपया गिनने वाले के घर से रुपया बरामद हो गया। सारा मामला कोष का है। कोषाध्यक्ष गायब हैं। कोषाध्यक्ष ने तीन दिन पहले चिट्ठी जारी की। उस पर न तो साइन हैं और न मुहर है। उस पर लिख दिया कि इनको चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा इनको प्राप्त हुआ है। अब इस पर 11 तारीख को विचार करेंगे। आप सोचिए कि इतनी बड़ी घटना हो गई है। इनको तो तुरंत मीटिंग बुलानी चाहिए थी। इनको तुरंत मीटिंग कॉल करके इस मुद्दे पर बात करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि लोग पूछ रहे हैं अयोध्या में क्या हो गया? कैसे राम जी की शिला चोरी हो गई? कैसे मुकुट चोरी हो गया? कैसे हार चोरी हो गया? जिस गरीब आदमी ने पांच रुपया डाला होगा। एक रुपये का सिक्का भी दान पात्र में डाला होगा। जिसने पांच करोड़ रुपया दिया होगा, आज दोनों परेशान हैं कि ट्रस्ट के लोगों ने हमारे चढ़ावे को चोरी करवा दिया। इससे बड़ा दुर्भाग्य और कुछ नहीं हो सकता। आज भी सरकार और ट्रस्ट मिलीभगत खेल रही है। कहीं कुछ नहीं होने वाला। केवल मिलीभगत चल रही है। एसआईटी बनाकर देशवासियों को ठगने और बेवकूफ बनाने का काम चल रहा है।