-बार एसोसिएशन की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अयोध्या बार एसोसिएशन ने सख्त रुख अपनाया है। बार एसोसिएशन की विशेष बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संघ से जुड़े कोई भी अधिवक्ता इस मामले में आरोपियों की ओर से न्यायालय में पैरवी नहीं करेंगे। साथ ही अभियोजन पक्ष को मजबूत बनाने के लिए अधिवक्ताओं की एक विशेष टीम गठित करने का भी फैसला लिया गया।
कचहरी परिसर स्थित बार एसोसिएशन सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र ने कहा कि यदि कोई अधिवक्ता संघ के निर्णय के विपरीत जाकर आरोपियों की पैरवी करता है, तो उस पर पांच लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। निर्धारित राशि जमा न करने की स्थिति में संबंधित अधिवक्ता की बार एसोसिएशन की सदस्यता समाप्त कर दी जाएगी। बैठक में यह भी तय किया गया कि मामले में अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने के लिए बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ पांच अधिवक्ताओं की एक समिति बनाई जाएगी, जो न्यायालयीन कार्यवाही पर नजर रखेगी और आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी।
बार एसोसिएशन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर मांग करने का भी निर्णय लिया कि इस प्रकरण की पैरवी में अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में संघ ने यह भी मांग उठाई कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उनके विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 173 के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
साथ ही जांच पूरी होने तक उन्हें अयोध्या से बाहर जाने की अनुमति न दिए जाने की भी मांग की गई। बार एसोसिएशन के इस निर्णय को लेकर न्यायिक और विधिक हलकों में व्यापक चर्चा है। यह फैसला राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर अधिवक्ताओं की गंभीरता और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई आरोपियों की पेशी, अदालत ने सभी की रिमांड 13 जुलाई तक की मंजूर
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अदालत में आरोपियों की पेशी हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने सभी आरोपियों की रिमांड 13 जुलाई तक के लिए मंजूर कर दी है। इस दौरान एसआईटी मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच आगे बढ़ाएगी। आवश्यकता पड़ने पर अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ करेगी।
मामले की जांच अभी जारी है। अदालत में आरोपों का परीक्षण होना बाकी है। आरोपियों के विरुद्ध आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं। बताते चलें कि बीती छह जून को राम मंदिर की चढ़ावा धनराशि में से चोरी का मामला सामने आया था। बाद में मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की। दो दिन पहले एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इसके बाद 25 जून की शाम को मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन ने गणना में शामिल कर्मियों अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय और रमाशंकर मिश्रा व पर्यवेक्षणीय कर्मी सुभाष श्रीवास्तव व महासचिव चंपत राय के चालक रामशंकर उर्फ टिन्नू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
एसआईटी रिपोर्ट से यह तथ्य प्रकाश में आया है कि गणना प्रक्रिया में सेवारत कुछ कर्मियों ने भेंट/चढ़ावा धनराशि की चोरी की है। पर्यवेक्षणीय कार्य में लगे सुभाष श्रीवास्तव और बैंक पर्यवेक्षणीय कर्मी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका भी प्रथम दृष्टया है। इसी आधार पर पुलिस ने आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।