उत्तर प्रदेश को संभाल नहीं पा रहे योगी: तेजनारायण

     खाले का पुरवा काण्ड को लेकर डीएम व एसएसपी से मिले पूर्व राज्यमंत्री

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    फैजाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को संभाल नहीं पा रहे हैं। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगना चाहिए। यह बातें सपा नेता व पूर्व राज्यमंत्री तेजनारायण पाण्डेय पाण्डेय पवन ने अयोध्या के खाले का पुरवा में गत दिनों हुई घटना को लेकर जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के दौरान कहीं। पूर्व राज्यमंत्री श्री पाण्डेय 21 सदस्यीय प्रतिनिधि मण्डल व खाले का पुरवा की महिलाओं, पुरूषों व बच्चों के साथ कार्यालय पहुॅंचकर जिलाधिकारी डाॅ0 अनिल कुमार व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। श्री पाण्डेय ने कहा कि अयोध्या के खाले का पुरवा में दबंगों के साथ पुलिस ने सांठ-गांठ करके बहुत बड़ा ताण्डव किया है। ग्रामीणों को मारापीटा जिसमें कई लोग बुरी तरह से घायल हुए हैं और दो महिलायें जिला अस्पताल में भर्ती हैं जो कि बुरी तरह से घायल हैं। मकानों पर बुल्डोजर चलाया, गाॅंव में लगे पानी के हैण्डपम्प को उखाड़ दिया और झुग्गी-झोपड़ियों में आग लगा दी और सीधे-साधे ग्रामीणों पर फर्जी मुकदमा दर्ज करके जेल भेज दिया गया। इस घटना को लेकर पूरे जनपद में आक्रोश है। श्री पाण्डेय ने कहा कि इस खेल में भाजपा के बड़े नेताओं का हाथ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार सभी मुद्दों पर फेल है। प्रतिनिधि मण्डल में शामिल सपा जिलाध्यक्ष गंगासिंह यादव व सपा महानगर अध्यक्ष मो0 कमर राईन ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार में आम आदमी परेशान है चारों तरफ डर व भय का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार में दलित, पिछड़े व अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं है। सपा प्रवक्ता ओम प्रकाश ओमी ने बताया कि सपा प्रतिनिधि मण्डल ने जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा जिसमें यह मांग की कि घटना में शामिल लोगों पर कार्यवाही हो। पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच हो, फर्जी मुकदमें वापस लिये जाय और बेगुनाह ग्रामीणों को रिहा किया जाय और ध्वस्त किये गये मकानों का पुनः निर्माण कराया जाय। प्रवक्ता ने बताया कि जिलाधिकारी व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधि मण्डल व खाले का पुरवा के निवासियों को यह आश्वासन दिया कि पुलिस कार्यवाही करेगी और जो दोषी हैं उन पर कार्यवाही होगी। दोनों अधिकारियों ने प्रतिनिधि मण्डल को यह भी आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच करायी जायेगी। प्रवक्ता ने बताया कि प्रतिनिधि मण्डल में पूर्व ब्लाक प्रमुख राम अचल यादव, अयोध्या विधान सभा अध्यक्ष शिवबरन यादव पप्पू, प्रधान लड्डूलाल यादव, प्रधान गोपीनाथ वर्मा, चैधरी बलराम यादव, ज्ञानेन्द्र यादव, हामिद जाफर मीसम, रक्षाराम यादव, पार्षद लक्ष्मण कनौजिया, शमशेर यादव, जमीर सिकन्दर सिद्दीकी, शंकर प्रताप यादव, विशालमणि यादव रिक्की, आरपी सिंह, रजत गुप्ता, शाहबाज खान लकी, रामकेवल यादव, उमेश यादव, रामपाल यादव आदि शामिल थे।