-श्रीरामलला सरकार सहित चारों भाईयों के उत्सव विग्रहों की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई

अयोध्या। भगवान श्री राम की पुनीत नगरी अयोध्या के विभिन ऐतिहासिक मंदिरों से भगवान की रथ यात्रा बाजे गाजे के साथ दिव्य रथ से जयकारो के साथ निकली जो मणि पर्वत पहुंच कर भगवान की आरती पूजा अर्चना प्रसाद वितरण उपरांत वापस अपने अपने मंदिरों में वापस लौटी,और भगवान झूले में विराजमान हुए। रामनगरी के सुप्रसिद्ध मंदिर दशरथ महल,श्री मणि राम दास जी महाराज की छावनी, श्री राम वल्लभा कुंज,श्री कनक भवन,श्री बड़ा भक्त माल,श्री हनुमत निवास,श्री रंग महल,श्री जगन्नाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों से भगवान की दिव्य भव्य रथ यात्रा मणि पर्वत पहुंचती है जहां भगवान की पूजा आरती प्रसाद वितरण किया जाता है।
मणि पर्वत मेले के साथ ही राम नगरी के अधिकांश मंदिरों में झूलनोत्सव का भव्य मनोहारी शुभारंभ हो जाता है जो शासन पूर्णमासी तक संचालित होता है,इस मध्य झूलनोत्सव की छटा का अवलोकन,दर्शन करने दूर दराज के शहरी एवं ग्रामीण अंचलों के भक्त बड़ी संख्या में अयोध्या पधार कर विभिन्न मंदिरों के झूलों का दर्शन करते हैं। अयोध्या के रंग महल,सदगुरू सदन, गमला बाबा के मंदिर में गुरु पूर्णिमा पर्व से ही भगवान झूले में विराजमान हो कर संतो,भक्तों को आह्लादित करते है।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान श्रीरामलला सरकार सहित चारों भाईयों के उत्सव विग्रहों की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। उत्सव विग्रहों ने पालकी में विराजमान होकर मंदिर परिसर स्थित सभी देवालयों की परिक्रमा की। भक्तिमय वातावरण में संपूर्ण परिसर श्रीराम के जयघोष से गुंजायमान रहा।
परिक्रमा के उपरान्त कुबेर टीला पर भगवान के उत्सव विग्रहों का पारंपरिक झूला उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। इसके पश्चात उत्सव विग्रह पुनः श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पधारे, जहां गर्भगृह के निकट विधि-विधान और भक्तिभाव के साथ झूला उत्सव मनाया गया।