अयोध्या। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, अयोध्या मंडल के अपर निदेशक डॉ. बृजेश कुमार सिंह चौहान ने सोमवार को जिला पुरुष चिकित्सालय, अयोध्या का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान वह अस्त-व्यस्त चीजों को लेकर गुस्से में दिखे। इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन पाइपलाइन में ऑक्सीजन न आने पर नाराज हो गए।
उन्होंने मौके पर मौजूद मैट्रन को फटकार लगाई। सीएमएस को निर्देशित किया कि जो भी ऑक्सीजन प्लांट चलाता है। इसके बाद उपरोक्त कर्मचारी को मौके पर बुलाया गया तो उसने सफाई दी। कहा, कि ऑक्सीजन प्लांट के कंप्रेशर में पानी भर गया है। इस कारण चल नहीं रहा है। एडी हेल्थ ने कहा कि अस्पताल में ऑक्सीजन की स्थिति देखकर लगता है कि कभी कोई बड़ी घटना हो जाएगी तो लोग सिलेंडर लेकर इधर-उधर दौड़ेंगे। इसके बाद उन्होंने सीएमएस डॉ.राजेश सिंह को भी फटकार लगाई।
निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी वार्ड का भी जायजा लिया गया। ड्यूटी पर तैनात इमरजेंसी चिकित्सक डॉ. विशाल चौधरी और फार्मासिस्ट सर्वेश निर्धारित वेशभूषा में नहीं मिले। उन्होंने सीएमएस को िनर्देश दिया कि आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी वार्ड में 24 घंटे बी-टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन फ्लोमीटर और एक ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर आरक्षित रखा जाए। इसके साथ ही अस्पताल में बिजली और जनरेटर की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
आरोपी वार्ड बॉय को बचाने में जुटे जिला अस्पताल के अधिकारी
अयोध्या। जिला अस्पताल में मारपीट के आरोपी वार्ड बॉय के खिलाफ सफाई कर्मी और सुरक्षा में लगे जवानों में भारी गुस्सा है। दोनों की तरफ से सीएमएस को शिकायती पत्र देकर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। मामले में पुलिस की तरफ से आरोपी वार्ड बॉय सत्यम सिंह का चालान किए जाने के बाद भी जिला अस्पताल के अधिकारी नहीं चेते। वह अभी भी उसे बचाने में लगे हुए हैं। मामले की जांच कराने का पुराना राग अलाप रहे हैं। शनिवार रात हुए घटनाक्रम के बाद पुलिस ने आरोपी वार्ड बॉय का चालान कर दिया था।
सोमवार को सुरक्षा कर्मी मकसूद अहमद ने शिकायत देते हुए बताया कि वह घटना वाली रात को ड्यूटी पर थे। रात नौ बजकर 50 मिनट पर वार्ड बॉय सत्यम सिंह शराब पीकर इमरजेंसी में आया। उसे बाहर जाने के लिए कहा तो गाली गलौच करने लगा और धकेल दिया। आरोप है कि एक थप्पड़ मार दिया। उसके बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय चौधरी व पुलिस चौकी में फोन किया। कुछ समय बाद दो पुलिस कर्मी मौके पर पहुंचे और आरोपी सत्यम को चौकी ले आए। हम भी चौकी पहुंच गए। इसके बाद फार्मासिस्ट आरोपी को वापस ले आए। आते ही उसने कैप्टन पवन सिंह को थप्पड़ मार दिया। तब तक मौके पर कोतवाल आए और आरोपी को ले जाने की बात कही।
मकसूद ने बताया कि इस दौरान उसके साथ के अन्य कर्मी भी मौके पर पहुंच गए, जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। वहीं महिला सफाई कर्मी मीना, धन देई, राजरानी, नीलम, मंजू व शीलू सहीं अन्य ने आरोप लगाते हुए दिए शिकायती पत्र में बताया है कि हम सब अपने अपने वार्ड में काम करते हैं और ये पहुंच जाने पर गाली गलौच व अभद्रता करते हैं। हम लोग अनसुना कर देते हैं। हम सब बहुत गरीब व परेशान हैं। मामले में उचित कार्रवाई कर हमें न्याय दिलाएं। यही नहीं ऑफिस खुलते ही पीड़ित आउटसोर्स कर्मी रामपलट व गोविंद यादव ने सीएमएस से न्याय की गुहार लगाई