-90 कंपनियों ने खोले रोजगार के द्वार, 7 हजार 984 को मिला रोजगार

अयोध्या। सेवायोजन विभाग की ओर से आशा भगवान बक्श सिंह महाविद्यालय में आयोजित रोजगार मेले में युवाओं की बड़ी भागीदारी रही। मेले में कुल 13 हजार 632 युवाओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें से 7 हजार 984 युवाओं को विभिन्न कंपनियों में रोजगार के लिए चयनित किया गया। रोजगार मेले में करीब 90 बहुराष्ट्रीय एवं प्रतिष्ठित कंपनियों के प्रतिनिधियों ने पहुंचकर युवाओं का साक्षात्कार लिया।
मेले में अशोक लीलैंड, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, फ्लिपकार्ट, ब्लिंगकिट, आईसीआईसीआई, वर्धमान, टीवीएस इलेक्ट्रॉनिक्स, अमेजन, अरविंद कॉटन मिल्स समेत लगभग 90 कंपनियों के 130 प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता, कौशल और अनुभव के आधार पर साक्षात्कार लेकर चयन प्रक्रिया पूरी की।
इस अवसर पर गोसाईगंज विधायक अभय सिंह ने कहा कि रोजगार मेले युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। बड़ी संख्या में कंपनियों की सहभागिता से युवाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न रोजगार विकल्पों की जानकारी और चयन का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों को निरंतर बढ़ावा दिए जाने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।
महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास आज की प्रमुख आवश्यकताओं में शामिल है। रोजगार मेले के माध्यम से कंपनियों और युवाओं को सीधे एक-दूसरे से जुड़ने का अवसर मिलता है। जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि रोजगार मेले में हजारों युवाओं की भागीदारी यह दर्शाती है कि युवाओं में रोजगार के प्रति उत्साह है। विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों की मौजूदगी से प्रतिभागियों को अपनी योग्यता के अनुरूप अवसर तलाशने में मदद मिली।
सहायक निदेशक सेवायोजन अयोध्या मंडल देवव्रत कुमार ने बताया कि रोजगार मेले में सभी कंपनियों के लिए अलग-अलग पंडाल बनाए गए थे, जिससे अभ्यर्थियों को संबंधित कंपनी तक पहुंचने और साक्षात्कार देने में सुविधा रही। उन्होंने बताया कि सुबह करीब 10 बजे से ही युवाओं का मेला स्थल पर पहुंचना शुरू हो गया था। चयन प्रक्रिया दिनभर चली और शाम चार बजे मेले का समापन हुआ।
मेले के आयोजन में पूर्व महापौर ऋषिकेश उपाध्याय, परमानंद मिश्र, गन्ना चेयरमैन दीपेन्द्र सिंह, जिला पंचायत सदस्य देवता पटेल, शम्भूनाथ सिंह दीपू, गिरीश पाण्डेय डिप्पुल, स्वाती सिंह, जिला सेवायोजन अधिकारी शैलेन्द्र शुक्ला तथा सहायक सेवायोजन अधिकारी रश्मि यादव सहित सेवायोजन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका रही।