-योग गुरू स्वामी रामदेव और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहा विवाद आखिरकार हुआ खत्म

ब्यूरो। योग गुरू बाबा रामदेव और पूर्व सांसद ब्रजभूषण शरण सिंह के बीच उत्पन्न मतभेद को दूर करने में श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र धर्म समिति सदस्य राजकुमार दास महाराज ने महत्वपूर्ण मध्यस्था की भूमिका निभाई। उन्होंने दोनों पक्षों से संवाद स्थापित कर आपसी बातचीत, समझा और सौहार्द का मार्ग प्रशस्त किया। उनका प्रयास रहा कि व्यक्तिगत मतभेदों को आपसी सम्मान एवं सद्भाव के साथ समाप्त किया जाए। उनके मार्गदर्शन और पहल से दोनों पक्षों के बीच संवाद का वातावरण बना और विवाद को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई।
गिले-शिकवे खत्म, बृजभूषण शरण सिंह और स्वामी रामदेव ने मिलाया हाथ

बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से मुलाकात कर सभी गलतफहमियों को दूर करने की घोषणा की। स्वामी रामदेव ने कहा कि बृजभूषण शरण सिंह को कुछ गलतफहमी हो गई थी, लेकिन लंबी बातचीत के बाद सच्चाई सामने आ गई है। उन्होंने कहा, ष्किसी भी कारण से विवाद पैदा हो जाए तो उसे वहीं समाप्त कर देना चाहिए। हम साधु हैं, किसी बात को बढ़ाना नहीं चाहते। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रामदेव ने पतंजलि के गाय के घी पर लग रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा, ष्न तो पतंजलि का गाय का घी नकली है, न हमारी दवाइयां और न ही स्वामी रामदेव नकली हैं।ष
उन्होंने मीडिया को खुला चौलेंज देते हुए कहा कि ष्घी के दो ढक्कन ले जाएं, एक खाने के लिए और दूसरा लैब में जांच कराने के लिए। अगर कोई कमी होगी तो वैज्ञानिक जांच में सच सामने आ जाएगा। साथ ही उन्होंने अपने स्वास्थ्य को लेकर फैलाई जा रही हार्ट, हर्निया और घुटने के ऑपरेशन की अफवाहों को भी झूठा बताया और कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले बृजभूषण शरण सिंह ने एक कार्यक्रम में पतंजलि के उत्पादों को लेकर टिप्पणी की थी, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया था।