-प्री-ऑडिट के साथ प्रमाणन प्रक्रिया की हुई शुरुआत
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में रामलला के भोग प्रसाद को जल्द ही खाद्य एवं औषधि विभाग की ओर से गुणवत्ता प्रमाणपत्र मिलने जा रहा है। इसके लिए प्रमाणन प्रक्रिया की शुरुआत बुधवार को प्री-ऑडिट के साथ हो गई। खाद्य एवं औषधि विभाग की एक विशेष टीम बुधवार सुबह राम मंदिर परिसर पहुंची। ऑडिट के लिए नामित एजेंसियां ऑडिट एडिटोरियल क्वालिटी प्राइवेट लिमिटेड और एसडी ग्लोबल के विशेषज्ञ भी इस दौरान मौजूद रहे। टीम ने सबसे पहले मंदिर की मुख्य रसोई का निरीक्षण किया जहां रामलला का भोग तैयार होता है।
इसके बाद प्रसाद सामग्री के भंडारण वाले गोदाम में साफ सफाई, तापमान और स्टोरेज व्यवस्था की जांच की गई। अधिकारियों ने प्रसाद बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की गुणवत्ता, पैकेजिंग और एक्सपायरी डेट से जुड़े रिकॉर्ड भी देखे। प्रमाणन की शर्तों के तहत प्रसाद तैयार करने वाले सभी फूड हैंडलर्स को पहले ही खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता की विशेष ट्रेनिंग दी जा चुकी है। बुधवार को मेडिकल टीम ने सभी फूड हैंडलर्स का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच में सभी कर्मी पूरी तरह स्वस्थ पाए गए और किसी में भी संक्रामक रोग के लक्षण नहीं मिले।
टीम ने फूड हैंडलर्स के एप्रन, ग्लव्स, हेड कवर और व्यक्तिगत स्वच्छता के मानकों को भी परखा। अब इस प्रक्रिया का अगला चरण 28 मई को पोस्ट-ऑडिट के रूप में होगा। पोस्ट-ऑडिट में प्री-ऑडिट के दौरान दिए गए सुझावों पर हुए सुधारों को देखा जाएगा। इसके बाद पूरी ऑडिट रिपोर्ट तैयार करके खाद्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
सहायक आयुक्त मानिकचंद सिंह ने बताया कि रिपोर्ट अपलोड होने के 56 घंटे के भीतर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को आधिकारिक गुणवत्ता प्रमाणपत्र सौंप दिया जाएगा। प्रमाणपत्र मिलने के बाद रामलला के भोग प्रसाद पर गुणवत्ता का सरकारी टैग लग जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को प्रसाद की शुद्धता और मानकों को लेकर पूरा भरोसा रहेगा।