-गोसाईंगंज कोतवाली इलाके के महबूबगंज डाकघर का मामला
गोसाईंगंज। एक ही परिवार के तीन लोगों को मृत दिखाकर तीस लाख रुपये गबन करने के मामले में मुख्य आरोपी महबूबगंज डाकघर के उप डाकपाल को कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को गोसाईंगंज कस्बे से गिरफ्तार कर लिया। एसपीआरए बलवंत चौधरी के मुताबिक आरोपी की पहचान उप डाकपाल शिवांशु श्रीवास्तव पुत्र ओमप्रकाश निवासी बड़ा पार्क के पास आवास विकास बाराबंकी के रूप में हुईं। आरोपी को चालान कर न्यायालय भेज दिया गया।
एसपीआरए ने बताया कि गोसाईंगंज कोतवाली इलाके के समदा गांव निवासी सगीर खां, बेटे शमशेर खां व पत्नी कैंसर जंहा ने उप डाकघर से 10जनवरी2025को तीस लाख रुपये के किसान विकास पत्र खरीदे थे।10मई को उप डाकपाल शिवांशु श्रीवास्तव ने तीनो को मृत दिखाकर किसान विकास पत्र के खातों को बंद कर रुपया नॉमिनी मुमताज जंहा के खाते में जमा दिखाया।इसके बाद तीन बार मे खाते से तीस लाख रुपये निकाल लिया गया।जब इस मामले की जानकारी खाता धारकों को हुई तो उसके इसकी शिकायत प्रधान डाकघर से किया।
प्रधान डाकघर के अधीक्षक के अनुसार जांच में सामने आया कि महबूबगंज पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही अजय यादव के खाते में पन्द्रह लाख रुपये जमा किया गया। सिपाही अजय यादव ने शिवांशु श्रीवास्तव की पत्नी आयुषी श्रीवास्तव के इंडियन बैंक आलमबाग लखनऊ के खाते में ट्रांसफर किये। उप डाकपाल 16 मई को निलंबित भी हो गया। जांच के बाद उप मंडलीय निरीक्षक हरिमोहन सिंह ने गोसाईंगंज कोतवाली के एसओ शारदेन्दु दुबे से केस दर्ज करने को कहा। परन्तु सिपाही की संलिप्तता के कारण केस दर्ज नही हुआ।
एसएसपी गौरव ग्रोवर के निर्देश के बावजूद केस दर्ज ना होने पर एसओ शारदेन्दु दुबे व सिपाही अजय यादव को निलंबित कर दिया गया था और केस दर्जकर आरोपी की तलाश में पुलिस जुट गई थी। आरोपित की गिरफ्तारी के एसएचओ अभिमन्यु शुक्ला,एसएसआई वीरेंद्र राय, हे.का. जयविन्द सिंह, सिपाही संदीप सिंह, रामजन्म यादव व महिला सिपाही पूजा यादव की भूमिका रही।