अयोध्या। उच्च न्यायालय, इलाहाबाद खंडपीठ लखनऊ में दायर जनहित याचिका संख्या 15385/2021 संशोधित साइलेंसरों से होने वाला ध्वनि प्रदूषण (स्वप्रेरणा से) बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्यष् में दिनांक 20.07.2026 को हुई सुनवाई के अनुपालन में परिवहन विभाग ने अयोध्या में विशेष जांच अभियान चलाया।
परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 21 जुलाई से 30 जुलाई तक संशोधित साइलेंसर और तेज आवाज वाले प्रेशर हॉर्न/हूटर के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) डॉ. आर.पी. सिंह ने किया। उनके साथ सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) गुलाब चन्द्र, यात्री/मालकर अधिकारी राजेश कुमार और यात्रीकर अधिकारी रानी सेंगर की टीम भी शामिल रही।
10 दिन में की गई कार्रवाई में संशोधित साइलेंसर लगाने पर 21 चालान, प्रेशर हॉर्न / हूटर लगाने पररू 33 चालान , सीज किए गए वाहन 04, वर्ष में अब तक 297 चालान, परिवहन कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार 01 अप्रैल 2026 से 20 जुलई 2026 तक जनपद में संशोधित साइलेंसर के मामले में 77 और प्रेशर हॉर्न/हूटर के मामले में 220 चालान किए जा चुके हैं।
अभियान के दौरान रॉयल इन्फील्ड ब्रदर्स बुलेट सर्विस और पाठक ऑटोमोबाइल्स, रीडगंज चौराहा, फैजाबाद सहित कई मोटर गैराजों का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया। दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे किसी भी वाहन में संशोधित साइलेंसर न लगाएं। नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) डॉ. आर.पी. सिंह ने बताया कि तेज आवाज वाले हॉर्न और संशोधित साइलेंसर से होने वाला ध्वनि प्रदूषण आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। उच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे अपने वाहनों में किसी प्रकार का अवैध बदलाव न कराएं।