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अखिल भारतीय विश्वविद्यालयीय महिला खो-खो प्रतियोगिता का आगाज

खेलों के विकास के लिए सरकार बढ़ा रही कदम : डॉ. आर. पी. सिंह

डॉ0 राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के नवीन परिसर के खेल प्रांगण में अखिल भारतीय विश्वविद्यालयीय अन्तर विश्वविद्यालयीय महिला खो-खो प्रतियोगिता का आयोजन दिनांक 07 दिसम्बर, 2018 से 10 दिसम्बर, 2018 तक किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता के उद्घाटन सत्र में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आर. पी. सिंह ओलम्पियन खेल निदेशक उत्तर प्रदेश एवं विशिष्ट अतिथि अयोध्या नगर निगम के मेयर ऋषिकेश उपाघ्याय एवं अवनीश सिंह अध्यक्ष क्रीड़ा भारतीय अवध प्रांत एवं प्रति कुलपति प्रो. एस.एन. शुक्ल रहे। प्रतियोगिता समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने की। मुख्य अतिथि डॉ. आर. पी. सिंह ने कहा कि प्रदेश व केन्द्र सरकार खेलों के विकास के लिए कदम बढ़ा रही है। भविष्य में खो-खो प्रतियोगिता का उत्थान निश्चित है। डॉ. सिंह ने कहा कि अवध विश्वविद्यालय के खिलाड़ी खेल प्रतियोगिता में निश्चित रूप से आने वाले समय में लक्ष्मण पुरस्कार प्राप्त करेंगी। क्योंकि खेल ही ऐसा माध्यम है जो समाज को जोड़ता है। खेल से देश में भाई-चारे की भावना जगाई जाये तो देश प्रगति करेगा। उन्होंने कहा कि अभी तक खेलों पर सिर्फ बात की जाती रही है। हमें यर्थाथ में रहकर कार्य करने की आवश्यकता है। संस्थानों से अध्ययन करने वाले हजारों होते है। लेकिन वर्षभर में सिर्फ एक ही खिलाड़ी निकलता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के छात्रों का प्रदर्शन दिनोंदिन उत्कृष्ट हो रहा है तो लक्ष्मण पुरस्कार भी अयोध्या के ही खिलाड़ियों को मिलेगा। क्योंकि लक्ष्मण भी अयोध्या के ही है। प्रो. दीक्षित ने बताया कि चार सौ मीटर ट्रैक के साथ एक जिम भी तैयार किया किया जा रहा है। खिलाड़ी बड़े त्याग व तपस्या के बाद बनते है। प्रो. दीक्षित ने कहा कि चीन आज हमसे इसलिए आगे है क्योंकि उसने खिलाड़ियों को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराया है। मेरा प्रयास है कि खिलाड़ियों को अच्छे से अच्छा संसाधन मुहैया कराये ताकि हमारे अच्छा प्रदर्शन कर सके। प्रो. दीक्षित ने कहा कि इनडोर गेम के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयास कर रहे है। उन्होंने कहा कि इस तकनीकी युग में बगैर प्रशिक्षित हुए अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती।
विशिष्ट अतिथि मेयर ऋषिकेश उपाघ्याय ने कहा अयोध्या की धरती पर हो रहे इस तरह के आयोजन एक सुखद शुरूआत मानी जा रही है। वर्तमान सरकार अयोध्या के सर्वागीण विकास के लिए निरन्तर क्रियाशील है ताकि विश्व पटल पर अयोध्या की पहचान बनी रहे। विशिष्ट अतिथि अवनीश सिंह ने कहा कि खेल से चरित्र और चरित्र से राष्ट्र का निर्माण होता है। खो-खो जैसे खेलों में कम निवेश होता है और परिणाम इसके अधिक मिलते है। उन्होंने प्रतियोगिता में आई सभी टीमों बधाई दी। प्रति कुलपति प्रो. एस.एन. शुक्ल ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दीक्षित की दूरदर्शिता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आपके प्रयत्नों का प्रतिफल है कि विश्वविद्यालय नित नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रो. शुक्ल ने विश्वविद्यालय के कुलगीत की संगीतमयी प्रस्तुति का शुभारम्भ भी किया।
क्रीड़ा परिषद अध्यक्ष प्रो0 आर0के0 तिवारी ने अतिथियों का स्वागत उद्बोधन में अतिथियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी के सहयोग से यह महत्वपूर्ण आयोजन सम्भव हो पाया है। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि भारतीय अन्तर विश्वविद्यालयीय महिला खो-खो प्रतियोगिता में 16 विश्वविद्यालयों के टीमों ने पंजीकरण कराया है। जो भारत के सभी चार जोन से बेस्ट 4 टीम टीमों को प्रतिभाग करना है।
प्रतियोगिता का शुभारम्भ मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। आये हुए अतिथियों ने ध्वजारोहण करते प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आई टीमों से फ्लैग मार्च व सलामी लेने के बाद खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. अशोक शुक्ला ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सचिव क्रीड़ा परिषद सचिव संतोष गौड़ ने की। उद्घाटन सत्र के प्रथम मैच में मैंगलोर विश्वविद्यालय और शिवाजी विश्वविद्यालय के मैच में शिवाजी विश्वविद्यालय ने मैच को 3 पॉइंट और 1 मिनट टाइम स्पेयर से मैच जीता। वही दूसरे मैच में एमडी विश्वविद्यालय रोहतक ने उत्कल विश्वविद्यालय को वन प्वाइंट और एक इनिंग से हराकर मैच पर विजय प्राप्त की वहीं तीसरे मैच में कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने विश्वविद्यालय आफ कालीकट को 1 पॉइंट और एक इनिंग से हराकर जीत हासिल की वहीं कार्यक्रम के चौथे मैच में विश्वविद्यालय ऑफ मुंबई ने वाक ओवर के द्वारा जीत हासिल की। निर्णायको की भूमिका में अंतरराष्ट्रीय निर्णायक राजेश कुमार वर्मा और सत्य प्रकाश तिवारी और राष्ट्रीय निर्णायक में राकेश यादव, सरवरे आलम नवनीत , संतोष सिंह , जगेसर सैनी, विनोद कुमार, राजेंद्र प्रताप सिंह,नवीन वर्मा अरविंद यादव , ओम शिव तिवारी, मंजीत, रंजीत, बृजेश कुमार यादव, अमित मिश्रा, एवं राम बहादुर पाल रहे।
इस मौके पर प्रो. एस के रायजादा प्रो. हिमांशु शेखर सिंह, डॉ. शैलेंद्र कुमार वर्मा, कार्य परिषद सदस्य ओम प्रकाश सिह, डॉ. विजयेन्दु चतुर्वेदी, डॉ0 आर. एन. पाण्डेय, डॉ. सुरेन्द्र मिश्र, डॉ.संदीप ,योगेश्वर सिंह, डॉ. आशीष प्रताप सिंह, डॉ सतीश श्रीवास्तव, डॉ अनिल मिश्रा, डॉ कपिल राणा, डॉ. सुरेंद्र मिश्रा, डॉ. त्रिलोकी यादव, डॉ अनुराग पांडे, डॉ. बृजेश यादव , इं. आर.के. सिंह, योगेश्वर सिंह , संघर्ष सिंह डॉ प्रतिभा त्रिपाठी,देवेंद्र वर्मा, मोहिनी पांडे, विनीत सिंह संजीत पांडेय जैनेंद्र प्रताप अनुराग तिवारी, जूलियस कुमार श्री मनोज सिंह, मनोज श्रीवास सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी एवं खेल प्रेमी मौजूद रहे।

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Written by Next Khabar Team

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