किसान खेतों का भ्रमण कर कृषि कार्यों में लें रुचि : सूर्य प्रताप शाही

किसान मेला व प्रदर्शनी का हुआ उद्घाटन

कुमारगंज । नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या में दो दिवसीय राज्य स्तरीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने शुक्रवार को किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री ने देश के किसानों के आर्थिक विकास के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि आवश्यकता हमारे किसानों को अपने खेतों के भ्रमण व स्वयं कृषि कार्यों में रुचि लेने की है। उन्होंने कहा कि खेत किसानों की प्रयोगशाला हैं उन्हें स्वयं नवीनतम तकनीकों व सरकारी योजनाओं के माध्यम से बेहतर परिणाम पाना होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में है इसके विकास के लिए हर सम्भव प्रयास किया जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारे यह प्रयास है कि विश्वविद्यालय अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा पुनः प्राप्त करे। कृषि मंत्री ने मंच से अवगत कराया कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो संधू ने परियोजनाओं के माध्यम से जो भी सहयोग मांगा है वह ज्यों का त्यों दिया गया है तथा भविष्य में प्रदेश सरकार का सहयोग खुले मन से जारी रहेगा बस अब विश्वविद्यालय की बारी है कि वह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध व कृषक विकास में अपना योगदान करे तथा परिणाम सामने लाए।
कृषि मंत्री ने किसानों को अन्नदाता व देश का भाग्यविधाता बताते हुए कहा कि आज किसानों के सहयोग से हम आत्मनिर्भर हैं। उन्होंने किसानों को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रगतिशील किसानों से उन्हें लगातार प्रेरणा लेनी चाहिए। कृषि मंत्री ने पिछली सरकारों से तुलना करते हुए कहा कि इस वर्ष रबी फसल में साढ़े सात लाख टन बीज किसानों को उपलब्ध कराया गया है जो विगत सरकार से दून है। उन्होंने कहा कि अब हमारे किसानों की बारी है जिन्हें अपने खेत का नक्शा बदलना होगा। इससे पूर्व कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो जे एस संधू ने कहा कि विश्वविद्यालय सरकार की नीतियों व किसानों व कृषि की चुनौतियों को दृष्टिगत कार्य करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाए जाने से खराब हो रहे वातावरण की समस्या से निजात के लिए इस मेले का मुख्य विषय फसल अवशेष प्रबन्धन रखा गया है तथा गेहूं की बुवाई के लिए हैपी सीडर को प्रचारित करने का प्रयास किया जा रहा है। कुलपति ने कहा कि हमने मेले की सार्थकता बनाए रखने के लिए लाइव डिमोस्ट्रेशन कराया है और आगे चल कर इसे आंकड़ों के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। इस मौके पर कुलपति ने अपने प्रयासों व उपलब्धियों से भी अवगत कराया। कुलपति ने बताया कि कौशल विकास की दृष्टि से विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा विज्ञान एवं पशुपालन महाविद्यालय में दो वर्षीय दो डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये जा रहे हैं।
कुलपति प्रो संधू ने कृषि मंत्री व किसानों को आश्वस्त किया कि वे मिलने वाली परियोजनाओं का बेहतर परिणाम देना प्रारम्भ करेंगे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि व सांसद लल्लू सिंह ने कुलपति प्रो संधू के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अपना अधिकतम सहयोग विश्वविद्यालय को प्रदान करेंगे तथा विधिक रूप से सांसद निधि से भी धन की व्यवस्था कराएंगे। किसान मेला के उद्घाटन सत्र में ही मुख्य अतिथि ने पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय के शिक्षक व वैज्ञानिक डॉ हुकुम चन्द्र वर्मा द्वारा लिखित पुस्तक आधुनिक पशु प्रबन्धन व उपचार , डॉ सौरभ वर्मा द्वारा लिखित फसल उत्पादन तकनीकी, पूर्वांचल खेती के मेला विशेषांक तथा नरेंद्र प्रसार ज्योति के नए अंक का विमोचन किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय पहुंचे कृषि मंत्री ने आचार्य नरेंद्र देव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित करने के बाद फीता काट कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और इसी के साथ स्टालों का अवलोकन किया। कृषि मंत्री के सामने ही हैपी सीडर की बुवाई का डेमों शैछिक प्रक्षेत्र पर हुआ। कृषि मंत्री व अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर कृषि गोष्ठी का विधिवत उद्घाटन किया। उद्घाटन सत्र को शिक्षक विधायक व प्रबन्ध समिति सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी व छेड़ी सिंह ने भी सम्बोधित किया तथा कुलपति के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर कुलपति ने कृषिमंत्री व सांसद को अंगवस्त्र तथा स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में आये अतिथियों का स्वागत निदेशक प्रसार डॉ. एपी राव ने करते हुए निदेशालय की गतिविधियों पर चर्चा की। कार्यक्रम में अतिथियों व आगन्तुकों को मेला समन्वयक डॉ. रवि प्रकाश मौर्य ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उद्घाटन सत्र का संचालन मौसम विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ सीताराम मिश्र ने किया। कृषि मंत्री ने मेले के उद्घाटन सत्र के बाद उद्यान एवं वानिकी प्रक्षेत्र भ्रमण व अवलोकन किया तथा विश्वविद्यालय के अधिकारियों व वैज्ञानिकों के साथ बैठक की।

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