-3,803 स्कूलों का निरीक्षण पूरा, अनफिट और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई तय
अयोध्या। प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती अब ज़मीनी स्तर पर साफ दिखाई दे रही है। स्कूल वाहनों की निगरानी के लिए लागू इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनिटरिंग पोर्टल (ISVMP) के जरिए अयोध्या मंडल में व्यापक स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। परिवहन विभाग, शिक्षा विभाग और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से स्कूल वाहनों को पूरी तरह सुरक्षित और मानक अनुरूप बनाने की दिशा में तेज़ी से काम हो रहा है।
17,887 स्कूल जुड़े, हजारों का डेटा ऑनबोर्ड
अयोध्या मंडल में कुल 17,887 स्कूलों का पंजीकरण स्कूल वाहन एप पर कराया जा चुका है, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इनमें से 4,516 स्कूलों का डेटा पोर्टल पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है, जबकि 3,803 स्कूलों का निरीक्षण भी विभागीय टीमों द्वारा पूरा किया जा चुका हैं।अधिकारियों के मुताबिक शेष स्कूलों का डेटा अपलोड और निरीक्षण कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है, ताकि कोई भी स्कूल इस निगरानी तंत्र से बाहर न रह सके।
ISVMP पोर्टल: हर वाहन की डिजिटल कुंडली
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किया गया ISVMP (Integrated School Vehicle Monitoring Portal) स्कूली वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है।upisvmp.com के माध्यम से स्कूलों को अपने वाहनों, चालकों और संबंधित दस्तावेजों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से करना होता है। इस पोर्टल पर 18 प्रकार की महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की जाती हैं, जिनमें वाहन नंबर,फिटनेस सर्टिफिकेट,बीमा विवरण,चालक का नाम,ड्राइविंग लाइसेंस नंबर,मोबाइल नंबर जैसी सूचनाएं शामिल हैं।इससे प्रशासन को हर वाहन की पूरी जानकारी एक क्लिक में मिल जाती है, जिससे अनफिट और अवैध वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो पाया है।
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
स्कूल वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ISVMP पोर्टल के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि केवल फिट, बीमित और मानक अनुरूप वाहन ही सड़कों पर चलें और बच्चों को स्कूल ले जाएं।
लगातार चल रहा निरीक्षण अभियान
परिवहन विभाग की टीमों द्वारा लगातार स्कूलों का निरीक्षण किया जा रहा है। इस दौरान वाहनों की फिटनेस, फायर सेफ्टी, दस्तावेजों की वैधता और चालक की पात्रता की गहन जांच की जा रही है। जिन स्कूलों में कमियां पाई जा रही हैं, उन्हें तत्काल सुधार के निर्देश दिए जा रहे हैं।
सम्भागीय परिवहन अधिकारी का सख्त संदेश
सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) अयोध्या, ऋतु सिंह ने अपर मुख्य सचिव परिवहन व परिवहन आयुक्त उत्तर प्रदेश के निर्देशों के क्रम में स्पष्ट कहा ISVMP पोर्टल के माध्यम से स्कूली वाहनों की निगरानी अब पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल हो गई है। सभी स्कूलों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने वाहनों और चालकों का पूरा विवरण समय से पोर्टल पर अपलोड करें। जिन संस्थानों द्वारा नियमों का पालन नहीं किया जाएगा। बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। प्रत्येक भी दशा में सोमवार तक सभी स्कूल स्वामी अपने गाड़ियों का प्रमाण पत्र और शपथ पत्र अपलोड कर दें।
अभिभावकों में बढ़ा भरोसा
इस नई व्यवस्था से अभिभावकों में भी भरोसा बढ़ा है। अब वे यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनके बच्चे जिस वाहन से स्कूल जा रहे हैं, वह पूरी तरह सुरक्षित और प्रमाणित है।