पुलिस अभिरक्षा में युवक की संदिग्ध मौत

  • परिजनों ने पुलिस पर पिटाई करने का लगाया आरोप

  • थाना पुलिस ने आरोप को किया खारिज, कहा युवक था शातिर अपराधी

फैजाबाद। पुलिस अभिरक्षा में गिरफ्तार किये गये युवक की जिला चिकित्सालय में इलाज के दौरान संदिग्ध मौत हो गयी। मृतक के परिजनों ने इनायतनगर थाना पुलिस पर अरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस की पिटाई ही मौत का कारण बना। वहीं इनायतनगर थाना प्रभारी दुर्गेश मिश्रा ने पिटाई के आरोप को एक सिरे से खारिज करते हुए बताया कि अभियुक्त दशरथ लाल पासी को पुलिस ने नहीं पीटा है वह शातिर अपराधी था तथा उसके विरूद्ध विभिन्न धाराओं में थाना में 10 मुकदमें कायम है जिनमें लूट, चोरी, गैंगेस्टर और गुण्डा एक्ट का मुकदमा है।
थानेदार दुर्गेश मिश्रा ने बताया कि इनायतनगर ग्राम सभा की कोटवा निवासिनी सबीना बानो पुत्री यार मोहम्मद ने 15 जुलाई को थाना में 25 वर्षीय दशरथ लाल पासी के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज कराया था। यह मुकदमा आईपीसी की धारा 323, 504, 506, 452, 354 व पाक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत दर्ज की गयी थी। इसी मुकदमे के आधार पर 20 जुलाई को दशरथ लाल पासी को गिरफ्तार किया गया। 21 जुलाई को सीजेएम अदालत में दशरथलाल को पेश किया गया जहां से उसे मण्डल कारागार के लिए रवाना किया गया।
घटनाक्रम के अनुसार इनायतनगर थाना पुलिस जब अभियुक्त दशरथ लाल पासी को मण्डल कारागार ले गयी तो कारागार के चिकित्सक ने उसकी हालत को देखते हुए जेल में लेने से इनकार कर दिया। उप निरीक्षक संजय कुमार 21 जुलाई को सांय 6 बजे दशरथ लाल पासी को जिला चिकित्सालय ले आये जहां तैनात ईएमओ डा. आशीष श्रीवास्तव ने प्रथम दृष्टया मानसिक रोग पीड़ित पाते हुए व किसी मनो चिकित्सक के न होने के कारण उसे ट्रामासेंटर लखनऊ रिफर कर दिया गया। मेडिकल कालेज लखनऊ के साइट्रिक विभाग ने दशरथ लाल पासी को भर्ती कर उसका उपचार भी किया तथा दूसरे दिन ही हालत ठीक बताते हुए और सीजेएम अदालत का आदेश न होना दर्शाते हुए उसे फिर वापस भेज दिया। इनायतनगर थाना पुलिस लखनऊ से पुनः 22 जुलाई को प्रातः दशरथ लाल पासी को मण्डल कारागार ले गयी कारागार के फार्मासिस्ट सिराजुद्दीन ने उसी दिन प्रातः 11.55 बजे लाकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। 23 जुलाई को प्रातः 8.06 पर जिला चिकित्सालय में दशरथ लाल पासी की मौत हो गयी।
दूसरी ओर मृतक के पिता रिखीराम पासी और बहन पुष्पा ने इनायतनगर थाना पुलिस पर गम्भीर आरोप लगाया। दोनों का कहना है कि पुलिस दशरथ लाल को बाजार से पकड़ कर ले गयी थी और थाना ले जाकर उसकी इतनी पिटाई की कि वह विक्षिप्त हो गया। पुष्पा का कहना है कि उसे जब खबर मिली तो वह अपने ससुराल से थाना पहुंची तो उसे भी अपशब्द कहकर भगाने का प्रयास किया गया। उसने जब कहा कि मै आगे लिखा पढ़ी करूंगी तो पुलिस ने अफरातफरी में सीएचसी मिल्कीपुर ले गयी और वहां मेडिकल कराकर सीजेएम अदालत में प्रस्तुत किया। दूसरी ओर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा. मनोज कुमार का कहना है कि किंग जार्ज मेडिकल कालेज के मनो चिकित्सा विभाग की लापरवाही है जब आरोपी युवक को भर्ती कर वहां इलाज किया गया तो अन्त तक इलाज करना चाहिए था परन्तु वहां यह कहते हुए डिस्चार्ज कर दिया गया कि पहले सीजेएम न्यायालय का आदेश ले आओ तभी इलाज किया जायेगा। उनका यह भी कहना है कि पुलिस ने मजबूरी में अभियुक्त को फैजाबाद लेकर आयी। दूसरी ओर मृतक दशरथ लाल पासी का पंचनामा कराकर थाना इनायनतगर पुलिस उसका मेडिकल करवा रही है। मेडिकल रिर्पोट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि अभियुक्त दशरथ लाल की मौत पुलिस की थर्ड डिग्री टार्चर से हुए या व मानसिक रोग से पीड़ित था। जैसा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जिला चिकित्सालय में उसे मिरगी का दौरा आया था जिसकी डाक्टर ने पुष्टि की है।

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