-पीड़िताओं की सहायता व पुनर्वास के लिए भी की गयी कार्रवाई

अयोध्या। मिशन शक्ति फेज-छह के तहत महिला एवं बालिका सुरक्षा को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन प्रवीण कुमार के निर्देश पर लखनऊ जोन पुलिस की प्रभावी पैरवी से सितंबर माह में कुल 12 मामलों में आरोपियों को सजा कराई गई। कुछ मामलों में आजीवन कारावास और पॉक्सो से जुड़े मामलों में 20 वर्ष तक के कठोर कारावास की सजा हुई।
जिले के इनायतनगर थाना क्षेत्र के एक मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। एडीजी लखनऊ जोन कार्यालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार हरदोई के अतरौली क्षेत्र के एक मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास और 70 हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया। रायबरेली के हरचंदपुर क्षेत्र में भी अभियुक्त को आजीवन कारावास और 1.50 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा मिली। खीरी के ईसानगर और सीतापुर के मानपुर क्षेत्र के मामलों में अभियुक्तों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया।
सुल्तानपुर में चार मामलों में सजा सुनाई गई। बल्दीराय क्षेत्र के मामले में दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास और प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। कूरेभार में एक अभियुक्त को नौ वर्ष का कठोर कारावास, चांदा में 20 वर्ष का कठोर कारावास और मोतिगरपुर में चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। बाराबंकी के बद्दूपुर और अमेठी के मुसाफिरखाना क्षेत्र के मामलों में भी अभियुक्तों को 20-20 वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया। उन्नाव के डीह क्षेत्र के एक मामले में एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
मिशन शक्ति टीमों ने सजा दिलाने के साथ पीड़िताओं की सहायता और पुनर्वास के लिए भी कार्रवाई की। बाराबंकी में गुमशुदा महिला को सकुशल बरामद कर परिजनों से मिलाया गया। खीरी में रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना के तहत 25 सितंबर को 21 महिला पीड़िताओं को कुल 65 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई गई।
वहीं, उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र में पति की मृत्यु के बाद आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रही एक महिला को आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराकर विधवा पेंशन योजना का लाभ दिलाया गया। पुलिस के अनुसार मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य महिला एवं बालिका संबंधी अपराधों की रोकथाम, प्रभावी विवेचना और अभियोजन के जरिए दोषियों को सजा दिलाना तथा पीड़िताओं को आर्थिक सहायता, सुरक्षा और पुनर्वास उपलब्ध कराना है।