समाज में आर्थिक समानता की है अति आवश्यकता: प्रो. एन.एम.पी. वर्मा

“डाॅ. राममनोहर लोहिया के सामाजिक-आर्थिक विचार” विषयक हुई राष्ट्रीय संगोष्ठी

फैजाबाद। डाॅ. राममनोहर लोहिया की 51वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अवध विश्वविद्यालय आवासीय परिसर के सन्त कबीर सभागार में स्थित “डा0 राममनोहर लोहिया के सामाजिक-आर्थिक विचार“ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन डाॅ0 राममनोहर लोहिया आर्थिक नीति एवं विकास अध्ययन केन्द्र, अर्थशास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग, दृश्य कला विभाग, गवर्नेन्स इन पब्लिक पाॅलिसी तथा प्रौढ़ सतत् एवं प्रसार शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वाधान में किया गया। राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया । इस राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य अतिथि के रूप में प्रो0 एन0एम0पी0वर्मा कुलपति बी0बी0ए0यू0 केन्द्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ ने इस अवसर पर समता एवं सामाजिक-आर्थिक न्याय पर बोलते हुए यह बताया कि आज समाज में आर्थिक समानता की अति आवश्यकता है। विभेदीकरण की नीति निरन्तर से ही अर्थव्यवस्था में समतामूलक विकास में बाधक रही है। हमें इस विभेदीकरण की नीति को समाप्त करना होगा।
गिरि शोध अध्ययन संस्थान लखनऊ के निदेशक प्रो0वी0के0वाजपेयी ने अपने वक्तव्य में कहा कि डाॅ. राममनोहर लोहिया ने विकास के लिए महिलाओ के उत्थान की बात की थी जो कि वर्तमान परिवेश में प्रासंागिक है। आगरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो0 मुजम्मिल ने विकास से संबंधित लोहिया जी की आर्थिक सामाजिक नीति का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि भाषा हमारी पहचान हैं। पूर्व कुलपति प्रो0 पी0के0 सिन्हा ने समाज के सबसे निचले वर्ग के उत्थान हेतु लोहिया जी के विचारों की प्रासंगिकता के बारे में विस्तार से बताया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी कुलपति प्रो0 राम लखन सिंह ने डाॅ0 लोहिया जी के सामाजिक आर्थिक विचारो का आज के युवाओ के लिए अति आवश्यक बताया और अपने जीवन में अनुपालित करने की प्रेरणा दी। वैज्ञानिक रूप से महिलाओं को पुरूषों की तुलना में अधिक कार्य सक्षम बताया। डाॅ0 राममनोहर लोहिया आर्थिक नीति एवं विकास अध्ययन केन्द्र के संयोजक प्रो0 विनोदकुमार श्रीवास्तव ने आमंत्रित अतिथियों का स्वागत करते हुए राष्ट्रीय संगोष्ठी से संबंधित विभिन्न सत्रों का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि विषय विशेषज्ञों एवं शोधार्थियों द्वारा विषय पर समानान्तर तकनीकी सत्रो मे 40 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए प्रो0 श्रीवास्तव ने बताया कि अगामी 21-22 नवम्बर को ए0इ0ए0एफ0 के द्वितीय राष्ट्रीय कान्फ्रेस में लोहिया जी के विभिन्न विचारो को विस्तृत रूप से विश्लेषित किया जाएगा साथ ही लोहिया अध्ययन केन्द्र के स्वरूप को भी ओर विकसित किया जायेगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहबाद के पूर्व निदेशक प्रो0 बी0एन0सिंह, जयपुर विश्वविद्यालय के प्रो0 सुबह सिंह यादव एवं प्रो0 अनूप कुमार, डाॅ0 पंकज कुमार त्रिपाठी, डा0 रत्नेश मिश्रा, डा0 रजनीकान्त पाण्डेय ,डाॅ0सुरेन्द्र मिश्रा, डाॅ0संदीप कुमार, डाॅ0 मुकेश कुमार वर्मा, डाॅ0 वरूण गंगवार एवं बडी संख्या छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। समापन सत्र में जयपुर विश्वविद्यालय के प्रो0 सुबह सिंह यादव राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहबाद के पूर्व निदेशक प्रो0 बी0एन0सिंह,की अध्यक्षता की तथा मुख्य अतिथि के रूप में राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय इलाहबाद के पूर्व निदेषक प्रो0 बी0एन0सिंह ने अपना उद्बोधन प्रस्तुत किया तथा कार्यक्रम का संचालन डा0 अलका श्रीवास्तव, डा0 प्रदीप कुमार त्रिपाठी के साथ छात्रा श्रेया पाण्डेय ने किया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रमुख रूप से प्रो0 आशुतोष सिन्हा, डाॅ0 दिनेश सिंह ,डाॅ0 प्रिया कुमारी, पल्लवी सोनी, सरिता द्विवेदी, रीमा सिंह भी रही। विभागाध्यक्ष अर्थषास्त्र एवं ग्रामीण विकास विभाग, प्रो0 मृदुला मिश्रा ने आमंत्रित अतिथियों एवं उपस्थित जनसमूह का धन्यवाद ज्ञापित किया।

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