-दशक बाद आकाशवाणी और एटिक केंद्र फिर होंगे शुरू
मिल्कीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज के आसपास 25 किलोमीटर परिधि के किसानों को एक बार फिर नियमित रूप से वैज्ञानिक सलाह और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिल सकेगी। विश्वविद्यालय परिसर में दशकों से बंद पड़े नरेंद्र देव आकाशवाणी केंद्र और कृषि तकनीकी सूचना केंद्र (एटिक) को पुनः शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। नवागत कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की पहल से किसानों में अब नई उम्मीद जगी है।
नरेंद्र देव आकाशवाणी केंद्र के संचालन से किसानों को प्रत्येक कृषि सीजन में फसल उत्पादन, उन्नत खेती, नई तकनीकों, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा कृषि संबंधी वैज्ञानिक सलाह समय-समय पर उपलब्ध हो सकेगी। इससे क्षेत्र के किसानों को खेती को अधिक लाभकारी बनाने में सहायता मिलेगी।
इसके साथ ही विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार के निकट स्थित कृषि तकनीकी सूचना केंद्र (एटिक) भी दोबारा सक्रिय किया जाएगा। निदेशक प्रसार कार्यालय के ठीक सामने स्थित यह केंद्र कृषि प्रसार गतिविधियों का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है।
यहां नियमित रूप से विभिन्न विषयों के सात से आठ वैज्ञानिक किसानों को प्रशिक्षण देने, उनकी समस्याओं का समाधान करने और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए उपस्थित रहेंगे। एटिक केंद्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, विकसित फसल प्रजातियों और उपलब्ध सुविधाओं का स्थायी प्रदर्शन भी किया जाएगा। यह केंद्र विश्वविद्यालय के शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार कार्यक्रमों को किसानों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है। कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ राम बटुक सिंह ने बताया कि एटिक केंद्र को जल्द ही पुनः प्रारंभ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आकाशवाणी और एटिक दोनों सुविधाएं लगभग दो दशक पहले शुरू हुई थीं, लेकिन पिछले कई वर्षों से बंद पड़ी हैं। कुलपति डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों की सुविधा के लिए टोल-फ्री नंबर शुरू करने की भी योजना बनाई है। इस नंबर पर किसान फोन कर कृषि संबंधी समस्याओं का निःशुल्क समाधान और विशेषज्ञों की सलाह प्राप्त कर सकेंगे। विश्वविद्यालय की इस पहल से क्षेत्र के किसानों को आधुनिक कृषि ज्ञान और तकनीकी सहायता का लाभ मिलने की उम्मीद है।