हाईकोर्ट ने बहाल की कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति

by Next Khabar Team
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-अटकलों पर लगा विराम, डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह को तत्काल कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश

मिल्कीपुर । लखनऊ पीठ ने आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के कुलपति पद पर नियुक्त डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की नियुक्ति रद्द करने संबंधी कुलाधिपति के आदेश को निरस्त कर दिया है। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने कुलाधिपति की ओर से जारी 25 फरवरी और 3 मार्च 2026 के आदेशों को मनमाना एवं अवैध करार देते हुए रद्द करते याची द्वारा आदेश की प्रति कुलाधिपति के समक्ष प्रस्तुत किए जाने के 10 दिन के अंदर कार्यभार ग्रहण कराए जाने के भी आदेश दे दिए हैं।

बताते चलें कि डॉ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कृषि वैज्ञानिक हैं और उन्हें वर्ष 2025 में राष्ट्रपति द्वारा ‘विज्ञान श्री’ सम्मान से सम्मानित किया गया था। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति पद के लिए आवेदन किया था और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद बीते 10 फरवरी 2026 को उनकी नियुक्ति कर दी गई थी। हालांकि, वे तत्काल कार्यभार ग्रहण नहीं कर सके थे, क्योंकि उन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) में अपने पद से औपचारिक रूप से कार्यमुक्त होना था।

याचिकाकर्ता ने 19 और 26 फरवरी को राज्य सरकार व कुलाधिपति कार्यालय को पत्र लिखकर कार्यभार ग्रहण करने के लिए 31 मार्च 2026 तक का समय मांगा था। इसके बावजूद कुलाधिपति ने 25 फरवरी को उन्हें 1 मार्च तक कार्यभार संभालने का निर्देश दिया और निर्धारित तिथि तक पदभार न ग्रहण करने पर बीते 3 मार्च को उनकी नियुक्ति रद्द कर दी। उन्होंने कुलाधिपति के नियुक्ति निरस्तीकरण आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय इलाहाबाद की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दे दी थी।

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लखनऊ खंडपीठ ने कहा कि नियुक्ति पत्र में कार्यभार ग्रहण करने की कोई समय-सीमा निर्धारित नहीं थी। साथ ही यह जानकारी थी कि डॉ सिंह को अपने पूर्व संस्थान से कार्यमुक्त होने में समय लगेगा। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व कुलपति का कार्यकाल छह माह बढ़ाया गया था तथा पूर्व में अन्य कुलपतियों को कार्यभार ग्रहण करने के लिए चार माह तक का समय दिया गया था। खंडपीठ ने माना कि ऐसी परिस्थितियों में डेढ़ माह का समय मांगना पूरी तरह उचित था। उच्च न्यायालय द्वारा कार्रवाई को संविधान के अनुच्छेद 14 के विपरीत बताते हुए डॉ सिंह को तत्काल कुलपति पद का कार्यभार ग्रहण कराने के निर्देश दिए हैं।

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