-सपा ने भाजपा पर लगाया सम्मान से खिलवाड़ का आरोप, बोर्ड हटाया गया, लेकिन शौचालय यथावत
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के टेढ़ी बाजार चौराहे पर स्थापित निषादराज गुह की प्रतिमा के नीचे शौचालय का बोर्ड लगाए जाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। सांसद अवधेश प्रसाद की आपत्ति के बाद प्रशासन ने शौचालय का बोर्ड तो हटा दिया, लेकिन प्रतिमा के नीचे बना शौचालय अभी भी यथावत है। इसे लेकर समाजवादी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है।
समाजवादी पार्टी के निवर्तमान जिलाध्यक्ष पारसनाथ यादव ने इस पूरे प्रकरण को निषाद समाज की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि निषादराज गुह केवल निषाद समाज के आराध्य ही नहीं, बल्कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के परम मित्र थे। भगवान श्रीराम ने उन्हें अपना मित्र मानकर गले लगाया था और उनके प्रति सम्मान प्रकट किया था।
पारसनाथ यादव ने कहा कि जिस राम के नाम पर भाजपा राजनीति करती है, उसी राम के प्रिय मित्र निषादराज गुह की प्रतिमा के नीचे शौचालय का निर्माण और उसका बोर्ड लगाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं अपमानजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना भाजपा की कथनी और करनी के अंतर को उजागर करती है।
उन्होंने मांग की कि प्रतिमा के नीचे बने शौचालय बोर्ड को तत्काल हटाया जाए तथा निषाद समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी तय की जाए। सपा नेताओं का कहना है कि केवल बोर्ड हटाने से मामला समाप्त नहीं होगा, बल्कि प्रतिमा स्थल की गरिमा बनाए रखने के लिए स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चाओं का विषय बना हुआ है। सपा का कहना है कि निषादराज गुह की प्रतिमा के नीचे शौचालय का बोर्ड अस्तित्व स्वयं में उनकी गरिमा के विपरीत है और इसे तत्काल हटाया जाना चाहिए।