-शुद्ध पेयजल को तरस रहे विभागीय कर्मी एवं छात्र-छात्राएं, विभागाध्यक्ष भी बेबस
मिल्कीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज से संचालित कृषि महाविद्यालय कोटवा आजमगढ़ में तैनात एवं कृषि महाविद्यालय कुमारगंज से संबद्ध एक सहायक प्राध्यापक की दबंगई के आगे विश्वविद्यालय प्रशासन बेबस नजर आ रहा है। उसकी दबंगई का आलम यह है कि विश्वविद्यालय प्राप्तियों से क्रय किया गया आर ओ सिस्टम सम्बद्ध एवं दबंग किस्म के शिक्षक ने अपनी दबंगई के बल पर अपने चेंबर में लगवा रखा है। विभागाध्यक्ष डॉ आर के यादव का कहना है कि यह सब बिल्कुल आपत्तिजनक है।
लेकिन उक्त सहायक प्राध्यापक के आगे वह बेबस एवं असहाय दिख रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार क्रॉप फिजियोलॉजी विभाग के कार्यालय में विभागीय कर्मियों एवं छात्र-छात्राओं के पेयजल सुगमता हेतु विश्वविद्यालय प्राप्तियों से जेम पोर्टल के माध्यम से 16 से 18 हजार रुपए की लागत से आर ओ सिस्टम क्रय किया गया था, जिसे आजमगढ़ जनपद स्थित कृषि महाविद्यालय कोटवा में तैनात एवं वर्तमान में कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज से संबद्ध चल रहे एक सहायक प्राध्यापक डॉ आलोक सिंह ने अपनी दबंगई के बल पर कार्यालय कक्ष के बजाय अपने व्यक्तिगत चेंबर में लगवा लिया। जिसका परिणाम रहा कि विभागीय कर्मी और छात्र-छात्राएं भीषण गर्मी में शुद्ध पेयजल से वंचित हैं।
इस संबंध में विभागाध्यक्ष डॉ आरके यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जो भी है आपत्तिजनक है। लेकिन हम कर ही क्या सकते हैं। वार्ता के दौरान विभागाध्यक्ष बेेबस एवं असहाय दिखे। वहीं दूसरी ओर अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ प्रतिभा सिंह ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं था, मैं इस संबंध में विभागाध्यक्ष से वार्ता करूंगी। सबसे मजे की बात तो यह है कि कृषि महाविद्यालय में सृजित पदों के सापेक्ष शिक्षकों की नियुक्तियां भी हो चुकी हैं,
इसके बावजूद भी कृषि महाविद्यालय कोटवा में स्थाई नियुक्ति पा चुके लगभग एक दर्जन शिक्षक अपनी दबंगई एवं प्रशासनिक पकड़ के चलते विश्वविद्यालय मुख्यालय से विगत कई वर्षों से अनवरत संबद्ध चल रहे हैं। कृषि महाविद्यालय कोटवा में अध्यनरत छात्र-छात्राओं की शिक्षा दीक्षा बाधित है। जिसके परिणाम स्वरूप वह विश्वविद्यालय में आए दिन कोई न कोई नया कारनामा करते रहते हैं।