-युवक के हाथ में लौटी उम्मीद

अयोध्या। जिले के राजकीय मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर ने चिकित्सा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल की है। मेडिकल कॉलेज में पहली बार ब्रैकियल प्लेक्सस इंजरी ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. विकास कुमार द्विवेदी की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक की गई है। इस उपलब्धि के साथ अब गंभीर नसों की चोट से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
यह सफल ऑपरेशन 20 वर्षीय युवक शनि का किया गया, जिसका सड़क दुर्घटना के बाद दाहिना हाथ पूरी तरह निष्क्रिय हो गया था। जांच में पता चला कि दुर्घटना के दौरान हाथ की प्रमुख नसें (ब्रैकियल प्लेक्सस) गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थीं। अब तक ऐसे मरीजों को बेहतर उपचार के लिए बड़े चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जाता था, लेकिन पहली बार राजकीय मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर में ही इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. विकास कुमार द्विवेदी ने किया, जबकि एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. नेहा ने संभाली।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम के समन्वित प्रयास और आधुनिक तकनीक के उपयोग से सर्जरी सफल रही। डॉ. विकास कुमार द्विवेदी ने बताया कि ब्रैकियल प्लेक्सस इंजरी अत्यंत जटिल स्थिति होती है, जिसमें हाथ की प्रमुख नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और मरीज हाथ की कार्यक्षमता खो देता है। यदि समय पर विशेषज्ञ उपचार मिल जाए तो हाथ की कार्यक्षमता काफी हद तक वापस लाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर में इस अत्याधुनिक सर्जरी की सुविधा शुरू होने से अयोध्या ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों के मरीजों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। अब उन्हें उपचार के लिए दूसरे शहरों में भटकना नहीं पड़ेगा, जिससे समय और आर्थिक दोनों स्तर पर राहत मिलेगी। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार यह सफलता राजकीय मेडिकल कॉलेज, दर्शननगर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे मेडिकल कॉलेज में जटिल न्यूरो एवं माइक्रो सर्जरी की नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा और क्षेत्र के मरीजों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।