कीटनाशकों का सुरक्षित करे उपयोग : प्रो. रवि

कुमारगंज। किसानों की आय दुगुनी करने हेतु कृषि की आधुनिक तकनीकी किसानो तक पहुँचाने हेतु जनपद के 113 न्याय पंचायतो मे किसान पाठशाला के पहले चरण का आयोजन 12 से 15 दिसम्बर तक सम्बन्धित न्याय पंचायत के प्राइमरी स्कूलों पर किया गया । इसके अन्तर्गत कुड़वार विकास खण्ड के न्याय पंचायत बेला पंश्चिम के ग्राम डोमनपुर मे भी चार द्विवसीय पाठशाला का आयोजन श्री रमेश यादव तकनीकी सहायक के देखरेख में किया गया। श्री यादव ने बताया कि प्रथम दिन बीजशोधन, किसानों की आय दोगुनी करने की रणनीति ,फसल प्रबंधन, पर जानकारी दी गई ।
दूसरे दिन उर्वरको की पहचान , प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन ,पाठशाला के तीसरे दिन किसान पंजीकरण ,विभिन्न योजनाओं मे देय अनुदान,प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना ,मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन ,फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन,कृषि यंत्रीकरण ,कृषि रक्षा,सिचाई एवं जल प्रबंधन ,खेत तालाब, बौछारी सिचाई, सोलर पंप की कृषको को जानकारी दी गई । चौथे दिन उद्यान,पशुपालन विभाग की योजनाओं पर चर्चा के साथ -साथ कीटनाशको का सुरक्षित प्रयोग की जानकारी दी गई । समापन के अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र बरासिन के अध्यक्ष ,प्रो.रविप्रकाश मौर्य ने विभिन्न फसलों एवं सब्जियो के बीजो के उपचार की तकनीकी जानकारी दी । उन्होने बताया कि बीज बोने से पहले रसायनों या बायो पेस्टीसाईड से उपचारित कर ही बुआई करनी चाहिये। बिषाक्तता हानि के आधार पर कीटनाशकों को चार वर्गो मे र्बाँटा गया है । अत्यधिक बिषैला ,अधिक बिषैला, सामान्य बिषैला, एवं बहुत कम बिषैला, सभी पर तिकोने मे रंग एवं चिन्हित शब्द लिखा होता है। क्रमशः लाल, पीला,,नीला,एवं हरा रंग होता है। तथा बिष,बिष, खतरा, सावधान लिखा रहता है.। अत्यधिक बिषैला कृषि रसायनों के अंधाधुध उपयोग कृषि उत्पादों के समेत वातावरण को भी प्रदुषित कर रहा है।मानव स्वाथ्य पर,पशु एवं पक्षियो पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।इसके परिणाम स्वरुप लोग कैसर जैसे रोग से तेजी से ग्रसित हो रहे है .प्रो मौर्य ने किसानो को नसीहत दी कि जैविक कीटनाशको का प्रयोग करें।जैविक खेती करे तभी मानव स्वाथ्य ठीक होगा। प्रसार कार्यकर्ता कृषि विभाग के श्री रमेश यादव तकनीकी सहायक के तत्वधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमे कु. महिमा सिह ग्राम पंचायत अधिकारी, प्रधान श्रीमती सुमन सिंह , प्रतिनिधि दिव्यास सिंह प्रगतिशील कृषक नरेन्द्र सिह, मुकेश, ,श्रीमती चन्द्रावती श्रीमती सहित 45 से अधिक कृषक एव कृषक महिलाओं ने भाग लिया।

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