-904.11 लाख रुपये से सिविल लाइन में टाइप-3 व टाइप-4 आवासीय परिसर का निर्माण शुरू
अयोध्या । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को विकसित और आधुनिक शहर बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया है। राजस्व विभाग के अधिकारियों के लिए सिविल लाइन क्षेत्र में अत्याधुनिक आवासीय परिसर का निर्माण शुरू हो गया है। इस परियोजना पर कुल 904.11 लाख रुपये की लागत आएगी।
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम (यूपीआरएनएन) द्वारा बनाए जा रहे इस हाईटेक आवासीय कॉम्प्लेक्स में टाइप-3 और टाइप-4 श्रेणी के आधुनिक फ्लैट्स शामिल होंगे। रामनगर पुलिस चौकी के निकट बन रहे इस परिसर से राजस्व अधिकारियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप अयोध्या में तेजी से विकास कार्य चल रहे हैं। राम मंदिर निर्माण के बाद शहर न केवल धार्मिक, बल्कि प्रशासनिक रूप से भी मजबूत हो रहा है। नए आवासीय परिसर का निर्माण प्रशासनिक ढांचे को और सशक्त बनाएगा। इससे अधिकारियों को बेहतर रहन-सहन मिलने के साथ ही उनकी कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। अयोध्या विकास प्राधिकरण और संबंधित विभागों द्वारा समन्वय से यह परियोजना पूरी की जा रही है।
आधुनिक लाइफस्टाइल होगी शामिल
नए आवासीय परिसर को पूरी तरह से आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, आंतरिक सड़कें, हरित क्षेत्र, पर्याप्त पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक लाइफस्टाइल सुविधाएं शामिल होंगी। परिसर पर्यावरण अनुकूल होगा और ऊर्जा संरक्षण के मानकों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। राजस्व विभाग के अधिकारियों को अब सस्ते किराए या सरकारी आवास की बजाय सुविधायुक्त, सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध हो सकेंगे।
अगले वर्ष 15 अगस्त तक बनकर हो जाएंगे तैयार
उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंदर यादव ने बताया कि परियोजना के तहत पिछले माह ही कार्य शुरू हुआ है। अभी नींव खुदाई का कार्य चल रहा है। अगले वर्ष 15 अगस्त तक इसे पूरा करने का लक्ष्य है। इस परिसर के पूरा होने के बाद अयोध्या में राजस्व संबंधी कार्यों का निस्तारण और अधिक सुगम हो जाएगा। वर्तमान में उपलब्ध पुरानी आवासीय व्यवस्था की तुलना में यह नया कॉम्प्लेक्स बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समयबद्ध पूर्ति पर विशेष नजर रखी जा रही है। यह परियोजना अयोध्या को एक आदर्श प्रशासनिक केंद्र बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।