-श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु व्यवस्थाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
अयोध्या। श्रावण मास-2026 के दौरान आयोजित होने वाले श्रावण झूला मेला, कांवड़ यात्रा एवं विभिन्न धार्मिक आयोजनों के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन को लेकर मंडलायुक्त राजेश कुमार की अध्यक्षता में आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में डीआईजी सोमेन वर्मा, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर, प्रभागीय वनाधिकारी प्रखर गुप्ता, अपर जिलाधिकारी नगर योगानंद पांडे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। श्रावण मास के चारों सोमवार क्रमशः 3 अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त एवं 24 अगस्त, 2026 को पड़ेंगे। इन अवसरों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों के अयोध्या आगमन की संभावना है।
बताया गया कि श्रावण मास का प्रारंभ 30 जुलाई 2026 से होगा तथा कांवड़ यात्रा 8 अगस्त से शुरू होगी। श्रावण झूला मेला 15 अगस्त को मणिपर्वत झूलनोत्सव के साथ प्रारंभ होगा। इसके अतिरिक्त नागपंचमी, गोस्वामी तुलसीदास जयंती, पुत्रदा एकादशी, प्रदोष व्रत, शिवरात्रि तथा रक्षाबंधन सहित विभिन्न धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अयोध्या आगमन की संभावना है। मंडलायुक्त ने कहा कि अयोध्या में बहराइच, गोंडा, बस्ती, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली एवं बाराबंकी सहित अनेक जनपदों से श्रद्धालु एवं कांवड़िये पहुंचेंगे। ऐसे में सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की सभी तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
डीआईजी सोमेन वर्मा ने निर्देश दिए कि रूट चार्ट पूर्व निर्धारित किया जाए, घाटों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग की जाए तथा सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाया जाए। बैठक में विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए। पुलिस विभाग को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था एवं यातायात योजना तैयार करने, नगर निगम को घाटों एवं मेला क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा जर्जर भवनों में श्रद्धालुओं के ठहराव पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को एम्बुलेंस, ओआरएस, आवश्यक दवाइयों एवं एंटी-वेनम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। विद्युत विभाग को कंट्रोल रूम की सतत निगरानी, विद्युत पोलों पर प्लास्टिक कवर लगाने, ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग करने तथा पंचकोसी मार्ग सहित प्रमुख मार्गों पर मेला प्रारंभ होने से पूर्व प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अयोध्या विकास प्राधिकरण को प्रमुख मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, प्रवेश द्वारों पर साइनेज की मरम्मत तथा सेल्फी प्वाइंट विकसित करने को कहा गया। खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच एवं दुकानों पर रेट चार्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराने के निर्देश दिए गए। पशुपालन विभाग एवं नगर निगम को छुट्टा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर संरक्षित करने, रोडवेज विभाग को अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने तथा रेलवे प्रशासन को आवश्यकता पड़ने पर विशेष ट्रेनों के संचालन के लिए तैयारी रखने को कहा गया।
उद्यान विभाग को सभी पार्कों में स्वच्छता एवं प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा पर्यटन विभाग को प्रमुख स्थलों पर हेल्प डेस्क स्थापित कर श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी एवं सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित विभागों को मार्गों पर झाड़ियों की कटाई-छंटाई एवं समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को भी कहा गया। बैठक के अंत में मंडलायुक्त ने कहा कि श्रावण झूला मेला-2026 के दौरान सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, जिससे श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम, स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण में दर्शन एवं धार्मिक आयोजनों का लाभ मिल सके।