-आवंटी ने कहा नहीं दी है नोटिस, केवल मौखिक सूचना दी गई

अयोध्या। जिला प्रशासन ने मंगलवार को सिविल लाइन में रामपथ किनारे स्थित नगर निगम के बंगला नंबर चार को जबरिया खाली करवा दिया। मुलायम सरकार में पत्रकारिता प्रशिक्षण संस्थान के संचालन के लिए वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय शीतला सिंह को मंडलायुक्त आवास के सामने स्थित यह बंगला आवंटित हुआ था। वरिष्ठ पत्रकार के बेटे ने प्रशासन पर अवैधानिक रूप से बंगला खाली कराने का आरोप लगाया है और इस संबंध में कोई नोटिस न दिए जाने की बात कही है।
यह बंगला 17 जुलाई को आदित्य विक्रम अग्रवाल ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के नाम एलाट कर दिया गया है। दावा किया गया था कि बंगला तीन साल से खाली है। संपादक शीतला सिंह के निधन के बाद जिला प्रशासन ने उस बंगले को रिक्त मानते हुए उसे खाली करने का नोटिस दिए जाने की बात कही है। नोटिस के अनुपालन में बंगला नंबर चार पर मंगलवार को प्रशासन ने ताला तोड़कर कब्जा ले लिया। बंगले का सारा सामान निकाल बाहर कर दिया और अपना ताला जड़ दिया।
प्रकरण में आवंटी स्वर्गीय शीतला सिंह के पुत्र सूर्य नारायण सिंह का कहना है कि इस बारे में न तो ट्रस्ट और न ही परिवार को कोई नोटिस रिसीव कराई गई। संपादक की पत्नी का निधन होने के कारण 28 जुलाई को तेरहवीं थी। इसी बीच 21 जुलाई को बंगला तीन साल से खाली बताते हुए ज्वांइट मजिस्ट्रेट को अलॉट कर दिया गया।
मामले में आवंटी के परिवार को कोई नोटिस रिसीव नहीं कराई गई। केवल 26 जुलाई को तहसीलदार ने परिवार को घर पहुंच मौखिक सूचना दी और बंगला तत्काल खाली करने को कहा। तेरहवीं कार्यक्रम को लेकर मोहलत मांगी गई थी,लेकिन प्रशासन लगातार दबाव बनाए हुए था और आज सामान घर का सामान जिसमें पांच तख्त,दो सोफा सेट,बिस्तर,90 कुर्सियां,चार अलमारी,गैस चूल्हा सहित बर्तन,आवश्यक कागजात आदि जबरदस्ती बाहर निकाल अपना ताला जड़ दिया। उनका खाना है प्रशासन को विधिक नोटिस देनी चाहिए थी।