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लोकतंत्र गुलामी से मुक्ति का प्रतिफल: इन्दुभूषण पाण्डेय

‘लोकतंत्र की कसौटी पर पत्रकारिता के मूल्य’ विषय पर हुई संगोष्ठी

अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र सभा एवं जनसंचार और पत्रकारिता विभाग संयुक्त संयोजन में मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत “लोकतंत्र की कसौटी पर पत्रकारिता के मूल्य“ विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य हरीधाम गोपाल मंदिर अयोध्या एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार एवं पुरातन छात्र सभा के सदस्य इन्दुभूषण पांडे रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजसेवी राममूर्ति सिंह ने की।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य ने कहा कि अच्छे लोगों को चुनकर सदन में भेजा जाय। एक शिक्षित जनप्रतिनिधि से जातिवाद, क्षेत्रवाद एवं धर्मवाद से ऊपर उठकर कार्य करने की अपेक्षा की जाती है। लोकतंत्र दुनिया के प्रबुद्ध वर्ग द्वारा संचालित कार्य प्रणाली है उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में रामराज्य के कल्पना की मुख्य विशेषता राजा राम के चरित्र के साथ सभी के हितों को परिपूर्ण करने वाली नीति रही है। पत्रकारिता में सकारात्मक सोच मजबूत आधार प्रदान करती है उन्होंने सचेत किया कि आगामी लोकसभा चुनाव के इस महापर्व पर आप सभी अपनी भागीदारी का निर्माण अवश्य करें।
विशिष्ट अतिथि के रूप में इन्दुभूषण पांडे ने कहा कि लोकतंत्र गुलामी से मुक्ति का प्रतिफल है। यदि पत्रकारिता का स्वतंत्र नहीं है तो वह पत्रकारिता नहीं है। 70 साल के इस लोकतंत्र में आज भी मूलभूत आवश्यकताओं के लिए एक बड़ा वर्ग संघर्ष कर रहा है। लोकतंत्र का प्राण यही है कि सभी नागरिकों को समान अधिकार एवं समान अवसर प्राप्त हो। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में राजनीति अपराधीकरण का बढ़ता गा्रफ एक चिंता का विषय है। इससे आम जनमानस को सजग रहने की आवश्यकता है। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य के लिए हम सभी दोषी हैं, क्योंकि हमने सही प्रतिनिधि का चुनाव न करने की भूल की है। पाण्डेय ने कहा कि जिस दिन पत्रकारिता फिर गुलाम हो गई उस दिन लोकतंत्र भी खतरे में पड़ जाएगा। अवध विश्वविद्यालय के पुरातन छात्र सभा के अध्यक्ष ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत आमजनमानस की आवाज है। समान अधिकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र की सबसे बड़ी खूबसूरती है। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जनता के समक्ष जनप्रतिनिधियों को खुले मंच पर अपनी योजनाओं एवं उपलब्धियों की चर्चा में प्रतिभाग करना चाहिए। लोकतंत्र में अपनी कमियों को दूर करना हम सभी का दायित्व है हम क्या चुनने जा रहे हैं इस पर अवश्य ध्यान दें। श्री सिंह ने विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए वरिष्ठ समाजसेवी राममूर्ति सिंह के योगदान के प्रति आभार व्यक्त किया। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे समाजसेवी राममूर्ति सिंह ने कहा कि इस पर्व में सभी को सजग होकर मतदान में भाग लेने की आवश्यकता है उन्होंने कहा कि लोकतंत्र शासन चलाने की सबसे बेहतर प्रणाली है। लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने आपातकाल के दौर पर अपने अतीत के अनुभवों को साझा किया। वर्तमान समय में राष्ट्रीय हितों की उपेक्षा से आमजनमानस आहत हो रहा है। राष्ट्रीय विचारधारा राजनीतिक दल कमजोर कर अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए काम कर रही है। वरिष्ठ पत्रकार के के मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता की जिम्मेदारियों का निर्वहन एक कठिन कार्य है। पत्रकारिता का मूल्य बना रहे इसके लिए तथ्यपरक रिपोर्टिंग आवश्यक है। पत्रकार आकाश सोनी ने पत्रकारिता की वर्तमान चुनौतियों पर प्रकाश डाला। अन्य वक्ताओं में अंबरीश दूबे, वैभव तिवारी, शोभा गुप्ता, भानु प्रताप सिंह एवं सौरभ सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ0 विजयेन्दु चतुर्वेदी द्वारा किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ0 राजेश सिंह कुशवाहा ने किया। इस अवसर पर पत्रकार ए0एस0 शुक्ला, महताब, हरिश्चंद्र सिंह, पुरातन छात्र सभा के सचिव डॉ0 विनोद चैधरी, डॉ0 आर0एन0 पांडे, डॉ0 अनिल विश्वा अखिल पांडेय, अनामिका पांडेय सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं की उपस्थिति रही।

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