लोक प्रशासन सभी विषयों का विषय: प्रो. मनोज दीक्षित

 दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ उद्घाटन

फैजाबाद। डाॅ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय परिसर के संत कबीर सभागार में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार लोक प्रशासन के सम सामयिक मुद्दे का उद्घाटन किया गया। इसके मुख्य अतिथि प्रो0 सुषमा यादव कुलपति, भगत फूल सिंह महिला विष्वविद्यालय, हरियाणा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित रहे।
सेमिनार के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो0 सुषमा ने भारत के सन्दर्भ में लोक प्रषासन के सन्दर्भों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैश्वीकरण अपने आप में एक तरह का बाजारीकरण का स्वरूप है। मानवाधिकार को विकसित देशों द्वारा ही परिभाषित किया गया है उसी की तर्ज पर भारत में मानवाधिकार थोपा गया है। एशियाई देश वर्षों से कह रहे है कि मानवाधिकार हमारी संस्कृति को ध्यान में रखकर परिभाषित किया जाय। प्रथम विश्व के देशों के नियम कानून हम पर न थोपें जाय, वर्तमान कानून में व्यवस्था अधिक महत्वपूर्ण है व्यक्ति कम महत्वपूर्ण है। यह एक विसंगति ही है, जबकि नागरिकों का हित अधिक महत्वपूर्ण है। भारतीय समस्याओं को भारतीय दृष्टि से ही सुलझाया जाना चाहिए तभी समाज के सभी वर्गों को समान रूप से न्याय मिल सकेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित ने कहा कि लोक प्रशासन सभी विषयों का विषय है। विश्व के लगभग सभी विकसित देश अपने नागरिक कानून में आवश्यक सुधार कर चुके है। भारत में इस पर अभी काफी कुछ किया जाना बाकी है। सी0आर0पी0सी0 एवं आर0पी0सी में भी काफी सुधार अपेक्षित है। भारतीय चिन्तन और वैश्विक चिन्तन दोनों अलग-अलग विचार धाराएं है। हमें भाषाओं के आधार पर बांट दिया गया, जिससे हमारी संस्कृति के साथ-साथ सामाजिक क्षति भी हुई। डाॅ0 राम मनोहर लोहिया के विचारों का उल्लेख करते हुए प्रो0 दीक्षित ने बताया कि लोहिया का कथन था कि हमें राम और कृष्ण से पृथक व्यवस्था स्वीकार्य नहीं है। यह सर्व विदित है कि इतिहास को किस प्रकार रोका गया। सन्दर्भ से टूटी व्यवस्था कभी भी प्रभावित नहीं होती। उन्होंने कहा कि यदि विषयों के इतिहास का गहनता से अध्ययन किया जाय तो निश्चित रूप से भारतीय विद्वानों का योगदान आपको शीर्ष पर मिलेगा। सेमिनार के उद्घाटन सत्र को प्रो0 अजमेर सिंह मलिक, प्रो0 संजीव षर्मा, प्रो0 इन्द्रजीत शोढ़ी ने भी सम्बोधित किया। उद्घाटन सत्र के उपरान्त प्रथम तकनीकी सत्र का कार्यक्रम विभाग में संचालित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 विनोद श्रीवास्तव ने किया। धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष प्रो0 मृदुला मिश्र ने किया।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो0 एस0 एन0 शुक्ल, परीक्षा नियंत्रक प्रो0 एम0 पी0 सिंह, प्रो0 जी गोपाल रेड्डी, प्रो0 अमरजीत सिंह, प्रो0 आर0 के0 तिवारी, प्रो0 के0 के0 वर्मा, प्रो0 आषुतोष सिन्हा, प्रो0 एन0 के तिवारी, प्रो0 लाल साहब सिंह, प्रो0 सिöार्थ षुक्ल, कार्य परिषद सदस्य ओम प्रकाष सिंह व के0 के0 मिश्र, पुस्तकालयाध्यक्ष, डाॅ0 आर0 के0 सिंह, डाॅ0 विनोद चैधरी, डाॅ0 अनिल यादव, डाॅ0 शैलेन्द्र वर्मा, डाॅ0 प्रिया कुमारी, सरिता द्विवेदी, पल्लवी सोनी आदि षिक्षक, कर्मचारी सहित सैकड़ों प्रतिभागी उपस्थित रहे।

इसे भी पढ़े  राम नगरी में बिखरी गुरु गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव की छटा

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More