-प्रो. पाण्डेय के आवेदन से शिक्षा व मीडिया जगत में चर्चा, प्रशासनिक अनुभव बना प्रमुख आधार
अयोध्या। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू), लखनऊ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. गोविन्द जी पाण्डेय ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) पद के लिए आवेदन किया है। उनके आवेदन की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा, मीडिया और सांस्कृतिक क्षेत्र में इसे एक महत्वपूर्ण एवं सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
प्रो. पाण्डेय पत्रकारिता, मीडिया शिक्षा, फिल्म निर्माण तथा संस्थागत प्रशासन के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक का समृद्ध अनुभव रखते हैं। वे बीबीएयू में विभागाध्यक्ष के साथ-साथ मीडिया सेंटर के निदेशक, जनसंपर्क निदेशक (प्रभार) तथा मीडिया एवं संचार से जुड़े विभिन्न प्रशासनिक दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं। उनकी प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शी कार्यशैली और सांस्कृतिक विषयों की गहरी समझ को देखते हुए माना जा रहा है कि उनका अनुभव श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों के लिए उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या के जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग से भी उनका लंबे समय से शैक्षणिक संबंध रहा है। वे विश्वविद्यालय की चयन समिति एवं अध्ययन बोर्ड में समय-समय पर विषय विशेषज्ञ के रूप में आमंत्रित होते रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए कार्यशालाओं एवं संगोष्ठियों के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया है। उनके नेतृत्व में पत्रकारिता विभाग और बचपन एक्सप्रेस के बीच तीन वर्ष का समझौता (एमओयू) भी हुआ, जिससे विद्यार्थियों को मीडिया के व्यवहारिक प्रशिक्षण का लाभ मिला।
प्रो. गोविन्द जी पाण्डेय देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षाविदों में गिने जाते हैं। मीडिया एवं फिल्म अध्ययन, संचार अनुसंधान और विकास संचार उनके प्रमुख विशेषज्ञता क्षेत्र हैं। शिक्षण, शोध और प्रशासन में उनके उल्लेखनीय योगदान के कारण उनका आवेदन मीडिया एवं शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विश्वविद्यालय और मीडिया जगत से जुड़े अनेक शिक्षाविदों, पत्रकारों तथा शुभचिंतकों ने उनके आवेदन का स्वागत करते हुए इसे एक अनुभवी शिक्षाविद एवं कुशल प्रशासक की सशक्त दावेदारी बताया है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए अग्रिम शुभकामनाएँ दी हैं।