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-कुक व हेल्परों को रागी की इडली, सांवा की खीर और बाजरे की रोटी बनाने का दिया प्रशिक्षण
अयोध्या। राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के उपलक्ष्य में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के खाद्य एवं पोषण विभाग की ओर से पुरुष एवं महिला छात्रावासों में कार्यरत कुक एवं हेल्परों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कुलपति डा. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की पहल पर ‘मोटे अनाजों पर आधारित खाद्य पदार्थ’ विषय पर यह प्रशिक्षण दिया गया। पिछले दिनों छात्राओं की रक्त जांच में विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं पर कुलपति ने चिंता जताई थी और छात्र-छात्राओं की थाली में पौष्टिक भोजन परोसने के निर्देश दिए थे।
अधिष्ठाता डा. साधना सिंह ने मोटे अनाजों के पोषण संबंधी महत्व पर कहा कि इन्हें नियमित आहार का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने सहजन के लाभ बताते हुए इसे भी दैनिक खाद्य पदार्थों में शामिल करने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को खाना बनाते समय व्यक्तिगत स्वच्छता, रसोईघर की साफ-सफाई तथा फल एवं सब्जियों को सुरक्षित एवं पौष्टिक तरीके से उपयोग में लाने की उत्तम विधियों की जानकारी दी। छात्रावासों के भोजन में मोटे अनाजों से तैयार व्यंजनों को शामिल करने से विद्यार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रावासों के मेन्यू में मोटे अनाजों को शामिल करने के साथ ही उनसे विद्यार्थियों की पसंद के पौष्टिक एवं स्वादिष्ट व्यंजन तैयार करना था। प्रशिक्षण में कुल 25 कुक एवं हेल्परों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षुओं को रागी की इडली, सांवा की खीर, बाजरे की रोटी, ज्वार का पास्ता सहित विभिन्न व्यंजन बनाने की विधि का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रयोगशाला सहायक मिथलेश चौधरी तथा शोध छात्रा कु. पूजा और तनुश्री ने विशेष सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में डा. अनिशा वर्मा ने सभी अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।