-धार्मिक समिति का पुनर्गठन व प्रवक्ता नियुक्त करने का लिया गया फैसला
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के न्यासियों की बैठक बुधवार, को अयोध्या में सम्पन्न हुई। इसमें श्रावण मास में संभावित अपेक्षाकृत अधिक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ आगमन को दृष्टिगत कर आवश्यक निर्णय, न्यासी मंडल में रिक्त स्थानों की पूर्ति, चढ़ावा राशि की गणना में स्टेट बैंक के साथ सम्पन्न एम ओ यू के अंतर्गत बैंक की त्रुटियों के महत्वपूर्ण विषयों के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन की प्रगति आदि अनेक विषयों पर चर्चा हुई।
चढ़ावे की राशि की गणना प्रक्रिया में अनियमितता की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एस आई टी) की अंतिम रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं होने से इस संबंध में चर्चा नहीं हो सकी। माननीय उच्चतम न्यायालय में इस संबंध में प्रविष्ट याचिकाओं पर सुनवाई की प्रगति एवं माननीय न्यायालय के आदेशों का संज्ञान लिया गया। न्यासियों ने मंदिर परिसर में स्थापित सी सी टी वी केमरों की सुरक्षा अधिकारियों तक पहुँच की स्थिति की समीक्षा की और इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि चढ़ावा राशि के गणना कक्ष सहित समस्त केमरों की पहुँच सभी सुरक्षा अधिकारियों को पहले से उपलब्ध कराई गई है।
न्यासी मंडल ने इस सूचना पर संतोष जताया कि भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक संस्थान की टकसाल (मिंट) के साथ स्वर्ण रजत चढ़ावे की मात्रा एवं शुद्धता जाँचने की व्यवस्था अनवरत चालू रखने का निश्चय किया है।
इस प्रकरण में स्टेट बैंक के साथ सम्पन्न एम ओ यू के अंतर्गत बैंक के दायित्वों और उनके अनुपालना में बैंक की त्रुटियों पर समग्र चर्चा हुई। अनियमितताओं के प्रकाश में आने के पश्चात बैंक की प्रतिक्रिया और गंभीरता के अभाव को दृष्टिगत करते हुए न्यासी मंडल ने निराशा प्रगट की है एवं न्यास की वित्त समिति को बैंक के साथ सम्बन्धों पर और मानक प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार कर समुचित निर्णय लेने को कहा है। एक उपयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी का चयन करने के निमित गठित समिति ने भारी संख्या में आवेदन प्राप्त होने से चयन में अधिक समय की आवश्यकता बताते हुए एक माह का अतिरिक्त समय मांगा है। विषय की गंभीरता और परिस्थितियों को दृष्टिगत करते हुए न्यासी मंडल ने यह अनुरोध स्वीकार किया है। न्यास ने आगामी कालखंड में श्रद्धालुओं की संख्या में संभावित वृद्धि को देखते हुए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति में इस विलंब के कारण एक सचिव की नियुक्ति की स्वीकृति प्रदान की है।
समस्त दुष्प्रचार एवं अतिरेकी आरोपों के बावजूद श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या यथावत है। यह इस बात का प्रमाण है कि आधारहीन, मिथ्या और भ्रामक आरोपों के बाद भी करोड़ों रामभक्तों की आस्था और विश्वास अडिग है। न्यासी मंडल ने इस अटूट समर्थन के लिए संपूर्ण संत समुदाय, देश विदेश से आ रहे भक्तों और अवध के समाज के प्रति आभार जताया है। मीडिया के माध्यम से समाज के साथ संवाद की निरंतरता की आवश्यकता पर विचार करते हुए न्यास ने प्रवक्ता नियुक्त करने का निर्णय किया है। न्यासी मंडल ने न्यासियों के रिक्त स्थानों की पूर्ति हेतु किए जा रहे प्रयासों का संज्ञान लिया और पाया कि इस महत्वपूर्ण कार्य को पूर्ण करने में कुछ और सप्ताह लगेंगे।
न्यास ने मंदिर परिसर में पूजा अर्चना की परंपरागत प्रामाणिकता और शुद्धता बनाए रखने के निमित्त धार्मिक समिति का पुनर्गठन किया है। स्वामीगोविंद देव गिरि की अध्यक्षता वाली इस समिति में जगद्गुरु शंकराचार्य ज्योतिश्पीठाधिपति वासुदेवानंद सरस्वती महाराज, मध्वपीठाधिपति स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ महाराज, स्वामी युगपुरुष परमानन्द, स्वामी दिनेंद्रदास निर्माेही अखाड़ा, स्वामी कमलनयनदास मणिराम छावनी, महंत राजकुमार दास (रमावल्लभ कुंज), स्वामी रामानन्द दास (राम कथा कुंज) एवं स्वामी मिथिलेश्नंदिनी शरण सदस्य रहेंगे।