-उदासीन आश्रम में चार दिवसीय आध्यात्मिक साधना शिविर का आयोजन

अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या में इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा और ध्यान साधना का विशेष आयोजन देखने को मिल रहा है। उक्त आध्यात्मिक कार्यक्रम अयोध्या सहित उत्तर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे श्रद्धालु और साधक ध्यान, मेडिटेशन और आध्यात्मिक चिंतन में सहभागी बने हैं। यह विशेष कार्यक्रम उदासीन आश्रम में आयोजित किया गया है, जहां साधकों को मेडिटेशन कराया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य प्रशिक्षक आनंद देसाई एवं निमिषा देशाई हैं । जिनका सहयोग सुल्तानपुर निवासी पल्लवी, लालजी, संतोष तथा जीतेन्द्र कर रहे हैं।
कार्यक्रम के आयोजक सुल्तानपुर जनपद के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ, आर. ए. वर्मा जी हैं। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की व्यवस्था जितेंद्र श्रीवास्तव प्रशिक्षक कर रहे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मेडिटेशन और आध्यात्मिक साधना कर रहे हैं। साधकों से बातचीत के दौरान अधिकांश लोगों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ध्यान और साधना से उन्हें मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और तनाव से मुक्ति का अनुभव हो रहा है। एडवांस मैडिटेशन प्रोग्राम मुख्य प्रशिक्षक आनंद देसाई ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग संस्था केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व के 192 से अधिक देशों में कार्य कर रही है।
संस्था के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का मुख्य उद्देश्य“हिंसा मुक्त विश्व और तनाव मुक्त मन” है। उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा 65 से अधिक प्रकार के कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं। इनमें प्राथमिक स्तर पर होने वाले “हैप्पीनेस प्रोग्राम” के बाद यह “एडवांस मेडिटेशन प्रोग्राम” आयोजित किया जाता है। यह कार्यक्रम 7 मई से प्रारंभ हुआ था और 10 मई को इसका समापन होगा। इसमें पूरे उत्तर प्रदेश से साधक शामिल होने पहुंचे हैं। वर्तमान में लगभग 50 साधक इस विशेष मेडिटेशन कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।
आनंद देसाई ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए दो चीजें अत्यंत आवश्यक हैं तनाव मुक्त मन और सही दृष्टिकोण। यदि मन तनाव से भरा होगा तो व्यक्ति का दृष्टिकोण नकारात्मक हो जाएगा और यदि सोच नकारात्मक होगी तो मन तनाव से भर जाएगा। इसलिए जीवन में सफलता और संतुलन के लिए “तनाव-मुक्त मन” और “सही दृष्टिकोण” दोनों आवश्यक हैं। उन्होंने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग के किसी भी उच्च स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहले “सुदर्शन क्रिया” और “हैप्पीनेस प्रोग्राम” करना आवश्यक होता है।
संस्था के भारत में 30 हजार से अधिक प्रशिक्षक हैं तथा अयोध्या में भी पांच से अधिक प्रशिक्षक सक्रिय रूप से लोगों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। कार्यक्रम में मौजूद आयोजकों ने बताया कि आर्ट ऑफ लिविंग एक गैर लाभकारी संस्था है। संस्था द्वारा आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों से प्राप्त आय को सेवा कार्यों में लगाया जाता है। संस्था देशभर में 1200 से अधिक निःशुल्क विद्यालय संचालित कर रही है, जिनमें एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। संस्था विद्यार्थियों को भोजन, पुस्तकें, यूनिफॉर्म और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराती है।
रामनगरी अयोध्या में इस आयोजन को लेकर आयोजकों ने कहा कि 500 वर्षों बाद भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनने के बाद अयोध्या की आध्यात्मिक ऊर्जा और वातावरण में बड़ा परिवर्तन महसूस किया जा रहा है। अब यहां देश-दुनिया से लोग आध्यात्मिक शांति और साधना के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे अयोध्या एक वैश्विक आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित हो रही है।