वीर सावरकर की 136वीं जयन्ती पर हिन्दू महासभा ने किया नमन

राजस्थान सरकार द्वारा स्कूली पाठ्यक्रम से जीवनी हटाये जाने का हुआ विरोध

अयोध्या। वीर विनायक दामोदर सावरकर शक्ति के ऐसे पुंज क्रांति के नक्षत्र का चिरंतर ज्योतिपुंज के रुप में प्रतिष्ठित हंै, जिनसे एक असीम ऊर्जा ग्रहण कर बिना विचलित हुए हर हिन्दुत्ववादी अपने कर्तव्य पथ पर निरन्तर अग्रसर था है, और हमेशा रहेगा। उक्त बातें हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता मनीष पाण्डेय ने वीर सावरकर की 136वीं जयन्ती के अवसर पर पुष्पराज चैराहा स्थित उनकी प्रतिमा पर मल्यापर्ण करते हुए कही, श्री पाण्डेय ने आगे कहा की कांग्रेस ने जिस तरह समय-समय पर वीर क्रांतिकारियाँ बलिदानियों का अपमान किया है उसी का भयावह परिणाम आज उसे ही प्राप्त हो रहा है कांगे्रस की दूषित मानसिकता उसे धीरे-धीरे भारत सें मुक्त कर रही है, कांग्रेस द्वारा अनेक अवसरों पर सावरकर के चरित्र हनन का प्रयास किया गया । राजस्थान सरकार द्वारा जो कारण बताकर वीरसावर की जीवनी स्कूली पाठ्यक्रम से हटाया गया वह एक फिर से कांग्रेस द्वारा सावरकर के चरित्र हनन करने का प्रयास किया गया है। उनका घोर अपमान भी किया गया है। हिन्दू महासभा के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष डाॅ0 आर0एल0 द्विवेदी ने कहा कि सावरकर एक असाधारण योद्धा, महान साहित्यकार, वक्ता, विद्वान, लेखक समाज सुधारक और एक कुशल संगठनकर्ता के रूप में प्रतिष्ठित है आज के युवाओं से उनकी प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। जयन्ती कार्यक्रम में प्रमुख रूप से महन्त रामलोचन शरण शास्त्री राजन बाबा, अवधेश मिश्र, पं0 रविन्द तिवारी, हीरामणि पाण्डेय, रामू , चन्द्रहास दीक्षित, दुर्गेश मिश्र, अजय शुक्ला, अरविन्द शास्त्री आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

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