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कौशल विकास में ट्रेनिंग व नौकरी के नाम पर युवक-युवतियों से ठगी

-पकड़ा गया जालसाज इब्राहिमपुर थाना पुलिस के हवाले

गोसाईगंज। सरकार की कौशल विकास योजना में ट्रेनिग व नौकरी के दिलाने के नाम पर युवक युवतियों से ठगी के मामले में गोसाईंगंज पुलिस ने सोमवार की देर शाम मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि जालसाज को ठगी के शिकार हुए बेरोजगारों ने अम्बेडकरनगर जिले के भीटी क्षेत्र से ढूंढकर पकड़ लिया। भीटी पुलिस ने अभिरक्षा में लेकर उसे इब्राहिमपुर थाने की पुलिस के सुपुर्द कर दिया । उसके खिलाफ ऐसे ही मामले में वहा मुकदमा दर्ज था। अभी उसके महिला सहयोगियों की तलाश होनी है। रोजगार के नाम पर पहले ट्रेनिंग और नौकरी देने के नाम पर ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के साथ ठगी के किए जा रहे हैं।

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ऐसा ही मामला विकास खंड मया के वंदनपुर व भेरीपुर गांव में गत दिनों प्रकाश में आया। 22 मार्च को पीड़ितों ने गोसाईंगंज थाने में शिकायत की तोतत्कालीन वरिष्ठ उप निरीक्षक देवेंद्र राय ने आरोपी का पता खोजने के लिए भुक्तभोगियों से कहकर पल्ला झाड़ लिया। ऑनलाइन शिकायत के बाद शनिवार को पुलिस ने पीड़ितों को थाने बुलाकर पूंछतांछ की। सोमवार को पुनः पीड़ित जब थाने पहुंचे तब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। वन्दनपुर निवासी वबिता राव, जंगलपुर निवासी अवधेश कुमार, भेरीपुर राहुल गुप्त सहित दर्जनों ठगी के शिकार ने बताया कि मनीष त्रिपाठी नामक युवक ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के माध्यम से ट्रेनिंग व सर्टिफिकेट के नामपर 3 से चार हजार प्रति अभ्यर्थी से लिये एक माह गांव में ही ट्रेनिंग कराया इसके बाद सभी को फर्जी प्रमाणपत्र दिया गया।

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युवतियों को सिलाई मशीन व कौशल विकास के अन्य उपकरण देने के लिए समान खरीद के लिए कानपुर जाने की बात बताई और रफुचकर हो गया। 16 मार्च को बाराबंकी जिले एक कथित दरोगा का फोन आया कि मनीष की दुर्घटना में मौत हो गयी । युवक व युवतियों को जब शक हुआ तो उन लोंगो ने ठग की सहयोगी श्रीमती संतोष मिश्रा व श्वेता तिवारी नाम की प्रशिक्षकों से बात करने का प्रयास किया तो उनका भी मोबाइल बंद मिला। शक होनेपर इन लोगो ने प्रमाण पत्र चेक किया तो फर्जी था। बाराबंकी में दुर्घटना की खबर भी झूंठी निकली। ठगी का अहसास होते ही 22 मार्च को भुक्तभोगियों ने गोसाईगंज थाने में तहरीर दी। ठगी के शिकार अवधेश कुमार ने बताया कि तत्कालीन एसएसआई ने कहा कि पहले उसका पता खोजो तब बताना। कार्रवाई न होते देख पीड़ितों आन लाइन शिकायत दर्ज कराया।

शनिवार को एस आई जवाहरपाल ने भुक्तभोगियों को थाने बुलाया और पूंछतांछ की। ठग ने अपना पता जौनपुर व महिला सहयोगियों के पता दोस्तपुर बताया था। सोमवार को मयाव अम्बेडकरनगर के दर्जनों पीड़ितों ने उसे भीटी बाजार में पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। ठगी का यह गैंग अकेले मया ब्लॉक के विभिन्न गांवों में 65 सेंटर स्थापित लगभग एक हजार बेरोजगारों से ठगी की है जबकि पडोसी जनपद अम्बेडकरनगर में भी कथित मनीष तिवारी के द्वारा ठगी की बात प्रकाश में आई है। प्रभारी निरीक्षक अक्षय कुमार ने बताया की मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। थानाध्यक्ष इब्राहिमपुर सुनील पांडेय ने बताया कि आरोपी व उसके दो तीन सहयोगियों को हिरासत में लेकर पूंछतांछ की जा रही है। उसके खिलाफ कौशल विकास परियोजना के नाम पर पहले से धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत है।

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