अवध विवि में निर्मित होगा फूलों से इत्र

    • फूल से इत्र बनाने की दिशा में नाका हनुमानगढ़ी के साथ हुआ एमओयू

    • रंग लाया कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित का प्रयास

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    फैजाबाद। डॉ.राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के कौटिल्य सभागार में मंगलवार को कुलपति आचार्य मनोज दीक्षित का प्रयास रंग लाया। उनकी ओर से उठाए गए सामाजिक सरोकार की दिशा में कदम का परिणाम सबके सामने आया जब फूल से इत्र बनाने के प्रोजेक्ट के तहत विश्विद्यालय और नाका हनुमानगढ़ी के बीच तीन साल के लिए पहला अनुबंध हुआ।
    समारोह को सम्बोधित करते हुए विश्विद्यालय के कुलपति प्रो0 मनोज दीक्षित ने कहा कि इसी क्रम में युवाओं को रोजगार से जोड़ने को लेकर विवि में फूल से इत्र बनाने का प्लांट जल्द लगाने जा रहा है। यह पॉयलेट प्रोजेक्ट है, इसके अंतर्गत डिमांशट्रेशन भी होना है। इसके अंतर्गत भगवान को चढ़ाए गए फूल को हासिल करने का अनुबंध नाका हनुमानगढ़ी से किया गया है। इन्हीं फूलों से विवि परिसर में ही इत्र निर्मित किया जाएगा। प्रो0 दीक्षित ने कहा कि इस प्लांट के लगने से कोई भी चीज बेकार नही होगी और इन फूलों से हम इत्र धूप बत्ती अगरबत्ती आदि का निर्माण करेंगे साथ ही इसके बाद बचने वाले अवशेष को खाद के रूप में प्रयोग करेंगे। तुलसी के लिए अलग से प्रोजेक्ट लगाने की बात भी प्रो0 दीक्षित ने कहा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण की समस्या से निपटने की जिम्मेदारी हमे खुद उठानी होगी। सरकारों के भरोसे रहना ठीक नही है। हमे ऐसे संयंत्र की जरूरत है जोकि छोटी छोटी कालोनियों में लगाया जा सके और उसका संचालन आसानी से हो सके। प्रो0 दीक्षित ने अमेरिका का उदाहरण देते हुए बताया कि अमेरिका जैसे विकसित देश मे प्रति व्यक्ति प्लास्टिक की खपत 68 किलो प्रति वर्ष है और भारत मे यही खपत 8 किलो प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष है फिर भी यहाँ ज्यादा गंदगी दिखती है। वजह उचित प्रबंधन न होना है।
    समारोह को सम्बोधित करते हुए नाका हनुमागढ़ी के महंत रामदास ने विश्वविद्यालय के कुलपति के कार्यो और प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि कुलपति के सभी कदम सराहनीय होते है वो जो भी कार्य करते है वह ऐतिहासिक होता है। कुलपति जी ने जो भी अब तक सोचा उसकी प्रसंसा देश ही नही पूरी दुनियां में हो रही है। जब त्याग और समर्पण होता है तो उसकी लौ बहुत दूर तक जाती है।
    विश्विद्यालय के कुलसचिव डॉ. एसएन शुक्ला ने कहा की कभी कभी छोटा प्रयास ऐसा बड़ा आकर लेता है कि लोगो के लिए अनुकरणीय हो जाता है। ये प्रयास सफल होने के बाद डॉ राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय का फेस वैल्यू होगा। पर्यावरण के संरक्षण की दिशा में महंत रामदास का सहयोग अनुकरणीय है। उससे सभी छात्रों को सीख लेने की जरूरत है। कार्यक्रम का संचालन पर्यावरण विज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो0 जसवंत सिंह ने किया। इस अवसर पर विश्विद्यालय के मुख्य नियंता प्रो0 आर0 एन0 राय, मीडिया प्रभारी के0 के0 वर्मा, अजय कुमार तिवारी, विनय कुमार पांडेय, पुस्तकालयाध्यक्ष डाॅ0 आर0 के0 सिंह, डॉ0 नरेश चैधरी, डाॅ0 अनिल यादव, डॉ0 राजेश कुशवाहा, डाॅ0 रूद्र प्रताप सहित विश्वविद्यालय के छात्र मौजूद रहे।