-200 किलोमीटर दूर आजमगढ़ के शिक्षक को दिया अतिरिक्त प्रभार; पीएम की ईंधन बचत अपील के विपरीत बताया जा रहा निर्णय
मिल्कीपुर। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील का असर प्रशासनिक व्यवस्थाओं में नहीं दिख रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने टिश्यू कल्चर परियोजना के सह प्राध्यापक एवं जैम पोर्टल प्रभारी डॉ. दिवाकर सिंह को अतिरिक्त प्रभार से हटाकर कृषि महाविद्यालय कोटवा, आजमगढ़ में तैनात सह प्राध्यापक डॉ. महेंद्र सिंह को विश्वविद्यालय हित में जैम पोर्टल का नया अतिरिक्त प्रभारी नामित किया है।
प्रशासनिक अधिकारी भूपेंद्र सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार डॉ. महेंद्र सिंह वर्तमान में मृदा विज्ञान विभाग से संबद्ध हैं और उनकी मूल तैनाती कृषि महाविद्यालय कोटवा, जनपद आजमगढ़ में है। विश्वविद्यालय सूत्रों के मुताबिक कोटवा महाविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालय कैंपस के बीच लगभग 200 किलोमीटर की दूरी है। ऐसे में जैम पोर्टल जैसे महत्वपूर्ण कार्य के संचालन के लिए इतनी दूर तैनात शिक्षक को अतिरिक्त जिम्मेदारी दिए जाने पर सवाल उठने लगे हैं।
कर्मचारियों और शिक्षकों के बीच चर्चा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन यदि स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अधिकारियों या शिक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपता तो अनावश्यक यात्रा और ईंधन खर्च से बचा जा सकता था। जैम पोर्टल पर खरीद-फरोख्त की प्रक्रिया नियमित होती है, जिसके लिए प्रभारी को बार-बार मुख्यालय आना पड़ सकता है। इससे समय और सरकारी धन दोनों का अपव्यय होगा।
इसे प्रधानमंत्री की ईंधन बचत और अनावश्यक आवाजाही कम करने की अपील के विपरीत भी माना जा रहा है। कई शिक्षकों का कहना है कि कैंपस में ही कई योग्य अधिकारी मौजूद हैं जिन्हें यह कार्य सौंपा जा सकता था।विश्वविद्यालय प्रशासन ने आदेश में इसे “विश्वविद्यालय हित” में लिया गया निर्णय बताया है, हालांकि इस संबंध में विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। प्रशासनिक हलकों में इस निर्णय को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।