किसानों के उत्पादों के लिए बाजार की उपलब्धता कृषि वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी

कृषि विज्ञान केंद्रों की मिड टर्म वर्कशाप का हुआ शुभारम्भ

मिल्कीपुर। नरेंद्र देव कृषि एवम प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या में शुक्रवार को विश्वविद्यालय के कार्यछेत्र के जनपदों में संचालित कृषि विज्ञान केंद्रों की मिड टर्म वर्कशाप प्रारम्भ हुई। मिड टर्म वर्कशाप का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो जे एस संधू के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित कृषि अधिष्ठाता प्रो पी के सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास में अपनी जिम्मेदारी को कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को पूरी निष्ठा के साथ निभाने होगा तभी केंद्र व प्रदेश सरकार के कृषि एवं ग्रामीण विकास के सपने को साकार किया जा सकेगा।
प्रो सिंह ने कहा कि हमारेके वैज्ञानिकों की जिम्मेदारी है कि वे किसानों के कृषि उत्पादों के लिए बाजार की उपलब्धता व बेहतर बाजार की जानकारी किसानों तक अद्यतन करें तभी कृषक आय में बढोत्तरी वास्तव में सम्भव होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की दृष्टि से सबसे ज्यादा उपयोगिता कृषि प्रसार वैज्ञानिकों की है। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत करते हुए निदेशक प्रसार प्रो ए पी राव ने कहा कि हमारेके कृषि विज्ञान केंद्रों को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि विकास की जिम्मेदारी को गम्भीरता से निर्वहन करना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने देश के किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों को प्रमुखता दी है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जे एस संधू ने अरसे से लंबित वैज्ञानिकों के सेवा लाभ प्रदान कर दिए हैं अब हमारे वैज्ञासनिकों की बारी है कि वे विश्वविद्यालय द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी को निष्ठा के साथ निभा कर कृषि व कृषक समाज के विकास में अपना सहयोग प्रदान करें। इस अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के जोन4 अटारी कानपुर के प्रतिनिधि के रूप में आये बांदा कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक प्रसार डॉ एन के बाजपेयी ने वर्कशाप में मौजूद कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि हमें बेहतर करके अपनी पहचान बनानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्कशाप में वैज्ञानिक अपनी कार्ययोजना टू द प्वाइंट रखें इससे इसमें सुधार की ज्यादा गुंजाइस रहती है। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के अधीन संचालत 23 कृषि विज्ञान केंद्र,बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के अंतर्गत 1, सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी के अंतर्गत 3 तथा अन्य संस्थाओं के अंतर्गत संचालित 4 कुल 31 कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिक अपनी रबी फसलों की कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण करेंगे। इनमें किसानों के खेत पर विभिन्न विषयों पर आधारित प्रदर्शन, प्रशिक्षण तथा ट्रायल से सम्बंधित कार्य हैं। मिड टर्म वर्कशाप के उद्घाटन अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता, अधिकारी, विभागाध्यक्ष तथा वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

इसे भी पढ़े  शांतिपूर्ण सम्पन्न हुई अयोध्या की 14 कोसी परिक्रमा

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More