-90 वर्षीय विधवा ने राजस्व कर्मियों पर गलत पैमाइश, भ्रामक रिपोर्ट और दबाव में कार्रवाई का लगाया आरोप
मिल्कीपुर। मिल्कीपुर तहसील क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव निवासी 90 वर्षीय विधवा चंद्रावती पत्नी स्वर्गीय कन्हैयालाल ने जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी से मिलकर राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों पर लोकसेवा नियमों की अनदेखी, पद के दुरुपयोग तथा दबाव में गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आरोप लगाया है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम मिल्कीपुर को कड़ी फटकार लगाई और नई टीम गठित कर दोबारा पैमाइश कराने तथा विवादित भूमि पर प्रस्तावित इंटरलॉकिंग कार्य तत्काल रोकने के निर्देश दिए।
चंद्रावती के अनुसार वह गाटा संख्या 3708 रकबा 0.477 हेक्टेयर तथा 3709 रकबा 0.058 हेक्टेयर की संक्रमणीय भूमिधर हैं। उनका कहना है कि चकबंदी न्यायालय, सीओ, एसओसी तथा डीडीसी के आदेशों के अनुपालन में वर्ष 2019 में प्रशासन द्वारा पैमाइश कराकर उन्हें भूमि पर कब्जा दिलाया गया था, जिस पर आज भी उनका कब्जा है। पीड़िता का आरोप है कि गांव के श्रीकन्त मिश्रा, हनुमान दत्त मिश्रा, राम दत्त मिश्रा,चन्र्दिका प्रसाद, अरुण कुमार आदि के दबाव में आकर क्षेत्रीय लेखपाल, कानूनगो तथा सहायक चकबंदी अधिकारी ने बिना विधिवत पैमाइश और चौहद्दी निर्धारण किए उनके चक के बीच से जबरन रास्ता निकालने तथा इंटरलॉकिंग सड़क बनवाने की रिपोर्ट तैयार कर दी।
उनका कहना है कि इस कार्रवाई से उनकी कृषि भूमि दो हिस्सों में बंट जाएगी और उन्हें अपूरणीय क्षति होगी। चंद्रावती ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम मिल्कीपुर के आदेश के बावजूद अधीनस्थ कर्मचारियों ने सही तरीके से पैमाइश नहीं कराई और उच्च अधिकारियों को भ्रामक रिपोर्ट भेज दी। जिलाधिकारी के समक्ष खतौनी, नक्शा तथा पूर्व के आदेश प्रस्तुत किए जाने पर उन्होंने मामले की दोबारा जांच कराने और खतौनी के अनुसार भूमि का कब्जा सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
वृद्धा के पुत्र ने बताया कि इस प्रकरण से संबंधित एक याचिका उच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है। उनका आरोप है कि पैमाइश के दौरान संबंधित अधिकारियों ने वास्तविक गाटा संख्या 3708 व 3709 के स्थान पर 3667 व 3668 का उल्लेख कर भ्रम फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने निष्पक्ष जांच और सही गाटा संख्या के आधार पर पैमाइश कराए जाने की मांग की है।
चंद्रावती का कहना है कि विपक्षी पक्ष के लिए पहले से ही तीन दिशाओं से आरसीसी सड़क उपलब्ध है तथा उनके चक से भी पूर्व में लगभग 40 फीट भूमि सड़क निर्माण में जा चुकी है। इसके बावजूद उनकी कृषि भूमि के बीच से एक और रास्ता निकालने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका उन्होंने विरोध किया है। फिलहाल जिलाधिकारी के निर्देश के बाद राजस्व विभाग की नई टीम द्वारा दोबारा पैमाइश कराए जाने और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। वहीं, मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है।