धनवान व्यक्ति वही जो अपने तन, मन, धन से सेवा भक्ति करे: डा. राघवाचार्य

by Next Khabar Team
A+A-
Reset

-श्रीमद्भागवत कथा के पंचम दिवस श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का हुआ वर्णन


अयोध्या। पूराबाजार कृष्णा पुर में पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में सभी भक्तों को कथा व्यास डा राघवाचार्य महाराज द्वारा पंचम दिवस की कथा श्रवण कराई गई, जिसमे श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया। महाराज ने कहा धनवान व्यक्ति वही है जो अपने तन, मन, धन से सेवा भक्ति करे वही आज के समय में धनवान व्यक्ति है।

परमात्मा की प्राप्ति सच्चे प्रेम के द्वारा ही संभव हो सकती है। पूतना चरित्र का वर्णन करते हुए महाराज ने बताया कि पूतना राक्षसी ने बालकृष्ण को उठा लिया और स्तनपान कराने लगी। श्रीकृष्ण ने स्तनपान करते-करते ही पुतना का वध कर उसका कल्याण किया। माता यशोदा जब भगवान श्री कृष्ण को पूतना के वक्षस्थल से उठाकर लाती है उसके बाद पंचगव्य गाय के गोब, गोमूत्र से भगवान को स्नान कराती है। सभी को गौ माता की सेवा, गायत्री का जाप और गीता का पाठ अवश्य करना चाहिए। गाय की सेवा से 33 करोड़ देवी देवताओं की सेवा हो जाती है। भगवान व्रजरज का सेवन करके यह दिखला रहे हैं कि जिन भक्तों ने मुझे अपनी सारी भावनाएं व कर्म समर्पित कर रखें हैं वे मेरे कितने प्रिय हैं।

भगवान स्वयं अपने भक्तों की चरणरज मुख के द्वारा हृदय में धारण करते हैं। पृथ्वी ने गाय का रूप धारण करके श्रीकृष्ण को पुकारा तब श्रीकृष्ण पृथ्वी पर आये हैं। इसलिए वह मिट्टी में नहाते, खेलते और खाते हैं ताकि पृथ्वी का उद्धार कर सकें। गोपबालकों ने जाकर यशोदामाता से शिकायत कर दीदृ’मां तेरे लाला ने माटी खाई है यशोदामाता हाथ में छड़ी लेकर दौड़ी आयीं। ‘अच्छा खोल मुख।’ माता के ऐसा कहने पर श्रीकृष्ण ने अपना मुख खोल दिया। श्रीकृष्ण के मुख खोलते ही यशोदाजी ने देखा कि मुख में चर-अचर सम्पूर्ण जगत विद्यमान है। आकाश, दिशाएं, पहाड़, द्वीप, समुद्रों के सहित सारी पृथ्वी, बहने वाली वायु, वैद्युत, अग्नि, चन्द्रमा और तारों के साथ सम्पूर्णज्योतिर्मण्डल, जल, तेज अर्थात प्रकृति, महतत्त्व, अहंकार, देवगण, इन्द्रियां, मन, बुद्धि, त्रिगुण, जीव, काल, कर्म, प्रारब्ध आदि तत्त्व भी मूर्त दीखने लगे। पूरा त्रिभुवन है, उसमें जम्बूद्वीप है, उसमें भारतवर्ष है, और उसमें यहब्रज, ब्रज में नन्दबाबा का घर, घर में भी यशोदा और वह भी श्री कृष्ण का हाथ पकड़े।

इसे भी पढ़े  मिल्कीपुर हासिल होने तक नहीं रुकेगा रथ : गोरखनाथ बाबा

बड़ा विस्मय हुआ माता को। श्री कृष्ण ने देखा कि मैया ने तो मेरा असली तत्त्व ही पहचान लिया है। श्री कृष्ण ने सोचा यदि मैया को यह ज्ञान बना रहता है तो हो चुकी बाललीला, फिर तो वह मेरी नारायण के रूप में पूजा करेगी। न तो अपनी गोद में बैठायेगी, न दूध पिलायेगी और न मारेगी। जिस उद्देश्य के लिए मैं बालक बना वह तो पूरा होगा ही नहीं। यशोदा माता तुरन्त उस घटना को भूल गयीं। महाराज ने कहा कि आज कल की युवा पीढ़ी अपने धर्म अपने भगवान को नही मानते है, लेकिन तुम अपने धर्म को जानना चाहते हो तो पहले अपने धर्म को जानने के लिए गीता, भागवत ,रामायण पढ़ो तो, तुम नहीं तुम्हारी आने वाली पीढ़ी भी संस्कारी हो जायेगी। ब्रजवासियों ने इंद्र की पूजा छोडकर गिर्राज जी की पूजा शुरू कर दी तो इंद्र ने कुपित होकर ब्रजवासियों पर मूसलाधार बारिश की, तब कृष्ण भगवान ने गिर्राज को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की और इंद्र का मान मर्दन किया। तब इंद्र को भगवान की सत्ता का अहसास हुआ और इंद्र ने भगवान से क्षमा मांगी व कहा हे प्रभु मैं भूल गया था की मेरे पास जो कुछ भी है वो सब कुछ आप का ही दिया है कथा में राधे कृष्ण गोविंद गोपाल राधे राधे भजन ऊपर भक्तों ने खूब आनंद उठाया सभी भक्तों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

कथा प्रारम्भ होने पर मुख्य यजमान राज भूषण पाण्डेय तथा पूर्व मंत्री तेज नारायण पाण्डेय पवन ने सपरिवार पूज्य गुरुदेव कथा व्यास राघवाचार्य महाराज का पूजन अर्चन किया। श्रोताओं में प्रमुख रूप से रसिक पीठाधीश्वर जन्मेजय शरण, बड़ा भक्त माल पीठाधीश्वर श्री महंत अवधेश दास, सियाराम किला पीठाधीश्वर श्री महंत करुणानिधान शरण जी,करतलिया बाबा आश्रम पीठाधीश्वर महंत बालयोगी राम दास जी महाराज, खड़े णीश्वरी मंदिर पीठाधीश्वर श्री महंत राम प्रकाश दास जी, महंत श्री दिलीप दास, महंत राम उजागिर शरण जी, महंत ध्रुव शरण जी, श्यामा सदन पीठाधीश्वर महंत श्रीधरदास जी, बड़ी जगह के संत सुदामा दास जी महाराज मौजूद रहे। श्रेत्रीय लोगों में शहीद शोध संस्थान के प्रबंध निदेशक सूर्य कांत पाण्डेय, लड्डू लाल यादव, देशराज यादव,राजदेव यादव, पार्षद राम भवन यादव मदन वर्मा,गोपी वर्मा, मिश्रीलाल वर्मा, घनश्याम मिश्रा, रोशन तिवारी, योगेन्द्र वर्मा,राम चंद्र पांडेय, राम जन्म दूबे, संतोष मिश्रा, डाक्टर संतोष पाण्डेय, एकादशी सिंह, प्रतीक सिंह,नंगू वर्मा सहित हजारों लोग मौजूद थे।

नेक्स्ट ख़बर

अयोध्या और आस-पास के क्षेत्रों में रहने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना स्रोत है। यह स्थानीय समाचारों के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक घटनाओं की प्रामाणिकता को बनाए रखते हुए उपयोगी जानकारी प्रदान करता है। यह वेबसाइट अपने आप में अयोध्या की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का एक डिजिटल दस्तावेज है।.

@2025- All Right Reserved.  Faizabad Media Center AYODHYA

Next Khabar is a Local news Portal from Ayodhya