-युवक की हत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे थे सवाल
अयोध्या। जनपद के पूराकलंदर थाना क्षेत्र के कन्दैला गांव में बम और गोलियों से किए गए हमले में युवक की हत्या के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों के बीच एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने हेड कांस्टेबल अशोक सिंह को निलंबित कर दिया है। प्रथम दृष्टया घटना से पहले के विवाद और तनाव को लेकर अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने में पुलिसकर्मी की लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई है।
कन्दैला गांव में राम लगन मौर्य और विजय भान सिंह उर्फ डब्बू सिंह के पक्ष के बीच जमीन को लेकर दो मार्च को विवाद हुआ था। विवाद में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए थे। इसी घटना में घायल सूरजभान सिंह का इलाज चल रहा था, जिसकी 19 जुलाई को मौत हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव और बढ़ गया था।
26 जुलाई को विजय भान सिंह उर्फ डब्बू सिंह ने आरोप लगाया था कि वह अपने भाई की तेरहवीं का सामान लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान बरवा गांव के पास उन्हें गोली मार दी गई। हालांकि वह हमले में बाल-बाल बच गए। मामले में थाने पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी।
बताया जा रहा है कि पुराने विवाद के बाद गांव में दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। इसके बावजूद विवाद को लेकर समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप पुलिस पर लग रहे थे। मंगलवार शाम हुई हत्या की वारदात के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल और गंभीर हो गए।
मंगलवार शाम राम लगन मौर्य पुत्र संतराम अपनी मां पार्वती देवी के साथ छतिरवा से दवा लेकर बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह गांव में अपने घर के पास पहुंचे, आरोप है कि राज सिंह, सूरज सिंह, इंद्रभान सिंह, विजय भान सिंह समेत करीब 10-12 लोगों ने उन्हें घेर लिया। हमलावरों ने बमबाजी करने के साथ गोलियां चला दीं। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल राम लगन मौर्य की मौत हो गई।