-वन विभाग, अयोध्या, अर्चिशा फाउंडेशन, प्रयागराज एवं अभिनव भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में अयोध्या के रामपथ पर वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ
अयोध्या। “जब धरती हरी-भरी होगी, तभी मानव जीवन सुरक्षित और समृद्ध होगा।” इसी संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से आज वन विभाग, अयोध्या, अर्चिशा फाउंडेशन, प्रयागराज एवं अभिनव भारत न्यास के संयुक्त तत्वावधान में अयोध्या के रामपथ पर वृहद वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य कोषाधिकारी ममता सिंह ने सहभागिता करते हुए वृक्षारोपण किया तथा अभियान को अपना पूर्ण सहयोग प्रदान किया। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिकाधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अभिनव भारत न्यास के अध्यक्ष अभिनव सिंह राजपूत ने कहा “वृक्ष केवल पर्यावरण का आधार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की अमूल्य धरोहर हैं। आज आवश्यकता केवल पौधे लगाने की नहीं, बल्कि उन्हें परिवार के सदस्य की तरह संरक्षित करने की है। यदि प्रत्येक नागरिक प्रतिवर्ष एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण सुनिश्चित करे, तो पर्यावरण संरक्षण एक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। अभिनव भारत न्यास समाज में हरित चेतना के इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”»
वहीं अर्चिशा फाउंडेशन की संरक्षिका मंशा सिंह ने कहा “प्रकृति का संरक्षण ही मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। वृक्ष हमें प्राणवायु, छाया, जल संरक्षण और जैव विविधता का अनमोल उपहार देते हैं। आज का यह अभियान केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व का प्रतीक है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि लगाया गया प्रत्येक पौधा एक सशक्त वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ पर्यावरण प्रदान करे।”» कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
अभिनव भारत न्यास की ओर से विजय प्रताप सिंह, हृदयराम, अमन, शुभम सिंह ‘जिज्ञास’, अभिषेक, यशवेंद्र, सतेन्द्र, अरविंद, शिवेंद्र, हृदय नारायण,पंकज आर्या, राहुल द्विवेदी ,विवेक सिंह सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रहकर समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता, जनभागीदारी और पौधों के संरक्षण की भावना को सशक्त बनाना रहा।